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आईएमएफ ने कहा, नोटबंदी ने वैक्यूम क्लीनर की तरह कैश को खींच लिया

नई दिल्ली ( 24 फरवरी ): अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत सरकार से कहा कि करेंसी की किल्लत से निपटने के लिए नई करेंसी की सप्लाई तेज करने के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में एक बार फिर से पुरानी करेंसी को मान्य करने की दिशा में सोचने की जरूरत है। आईएमएफ ने भारत सरकार को बाजार में करेंसी की किल्लl से निपटने के लिए दी गई अपनी रिपोर्ट में ये बाते कही हैं।

आईएमएफ ने देश में जारी कैश के संकट के बारे में कहा है कि 8 नंवबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले ने बाजार से कैश को ठीक उसी तरह खींच लिया है जैसे कोई वैक्युम क्लीनर से सफाई करता है। आईएमएफ के एशिया-पैसिफिक मिशन में असिस्टेंट डायरेक्टर पॉल ए काशिन के अनुसार वैक्युम क्लीनर से कैश खींच लेने के बाद नई करेंसी को संचालित करने के लिए क्लीनर को रिवर्स चलाया जा रहा है, जिसकी वजह से देश में खपत पर गंभीर असर पड़ा है।

हालांकि आईएमएफ ने भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट में कैश की समस्या से निपटने के लिए कुछ और तरीके सुझाए हैं जिसमें करेंसी की निकासी पर लगे प्रतिबंध को हटाने समेत पुरानी करेंसी के टार्गेटेड इस्तेमाल का भी एक तरीका है।

आईएमएफ ने यह भी सुझाव दिया है कि नोटबंदी ने विकास दर पर नकारात्मक प्रभाव डाला है लिहाजा सरकार को देश के बैंकों के एनपीए बढ़ने के खतरों के प्रति सजग रहने की जरूरत है। इसके साथ ही सरकार को अर्थव्यवस्था के उन सेक्टर को मदद देने की जरूरत है जिन्हें नोटबंदी के बाद नुकसान उठाना पड़ा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देश में पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों पर बैन लगा दिया था। इस फैसले से करीब 86 फीसदी करेंसी बाजार से एक झटके में बाहर हो गई।


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