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दिवाली से पहले ही निकल गया हवा का दिवाला, सांस लेना भी हुआ मुश्किल

जधानी दिल्ली की सुबह में सबसे ज्यादा ‘जहर’ घुला दिखाई दे रहा था। कई इलाकों में सुबह पलूशन के कारण स्थिति गंभीर थी। प्रदूषण मानक पीएम-10 का स्तर सुबह 719 मापा गया जो इस सीजन का सबसे खतरनाक है। अन्य इलाकों के हालत बदतर चल रहे हैं। एयर क्वॉलिटी स्टेटस जहरीला बना हुआ है। प्रदूषण के ये ऐसे हालात हैं जो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी परेशानी का सबब बन सकते हैं। वैसे शाम तक प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आती है, उसके बावजूद वह खतरनाक बना रहता है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 31 अक्टूबर ):  राजधानी दिल्ली की सुबह में सबसे ज्यादा ‘जहर’ घुला दिखाई दे रहा था। कई इलाकों में सुबह पलूशन के कारण स्थिति गंभीर थी। प्रदूषण मानक पीएम-10 का स्तर सुबह 719 मापा गया जो इस सीजन का सबसे खतरनाक है। अन्य इलाकों के हालत बदतर चल रहे हैं। एयर क्वॉलिटी स्टेटस जहरीला बना हुआ है। प्रदूषण के ये ऐसे हालात हैं जो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी परेशानी का सबब बन सकते हैं। वैसे शाम तक प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आती है, उसके बावजूद वह खतरनाक बना रहता है।  

सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, यमुनापार इलाके आनंद विहार में आज सुबह 10 बजे पीएम-10 का स्तर 719 व पीएम-2.5 का स्तर 367 था। कल सुबह 10 बजे इनका स्तर क्रमश: 685 व 337 था। हालात बता रहे हैं कि इनका स्तर लगातार बढ़ रहा है।  

अगर पूरी दिल्ली में पीएम-10 की बात करें तो वह शरीर के लिए ज्यादा खतरनाक बताया जाता है और सभी स्थानों पर वह लगातार बढ़ रहा है। आज सुबह विवेक विहार में यह 627, रोहिणी में 609, जहांगीर पुरी में 616, मुंडका में 645 बना हुआ था। दिल्ली के अधिकतर इलाकों में इसका स्तर 500 एमजीसीएम से अधिक बना हुआ था।मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पीएम-10 का स्तर 100 से अधिक और पीएम-2.5 का स्तर 60 एमजीसीएम से अधिक नहीं होना चाहिए। उसके बाद यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इसका बढ़ता स्तर कैंसर का कारण भी बन सकता है।दूसरी और दिल्ली के पूरे प्रदूषण स्तर की बात करें तो सुबह राजधानी का एयर क्वॉलिटी स्टेटस 372 था। अगर इलाकों की बात करें तो 10 बजे उत्तम नगर इलाके में यह सबसे अधिक 445 था। सबसे कम द्वारका स्थित भारत विहार में 307 नापा गया। सरकारी जानकारी के अनुसार, शाम होते होते पीएम-10 का स्तर 400 के आसपास पहुंच जाता है, उसके बावजूद यह शरीर के लिए खतरनाक है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि असल में सुबह के वक्त प्रदूषण इसलिए अधिक दिख रहा है, क्योंकि आजकल सुबह हवा नहीं चल रही है। स्मॉग के चलते प्रदूषण के कण नीचे ही जमा रहते हैं। दिन चढ़ते-चढ़ते बढ़ती गतिविधियों, हवा की गति व अन्य कारकों के चलते प्रदूषण के कण आसमान की ओर चले जाते हैं, जिससे उनका स्तर कम हो जाता है।  


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