News

महाराष्ट्र: 377 किसानों ने की आत्महत्या लेकिन मदद सिर्फ 147 परिवारों को

महाराष्ट्र में आये दिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक़ इस साल 11 महीने में सिर्फ उत्तर महाराष्ट्र में 377 किसानों ने आत्महत्या की है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसमें से मात्र 147 किसानों की आत्महत्या को प्रशासन ने माना कि किसानी में घाटे से परेशान होकर इन लोगों ने आत्महत्या की है और इन्हीं के परिवार को मदद की गई है जो कि करीब 39 फीसदी बैठता है।

इंद्रजीत सिंह, मुंबई (20 दिसंबर): महाराष्ट्र में आये दिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक़ इस साल 11 महीने में सिर्फ उत्तर महाराष्ट्र में 377 किसानों ने आत्महत्या की है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसमें से मात्र 147 किसानों की आत्महत्या को प्रशासन ने माना कि किसानी में घाटे से परेशान होकर इन लोगों ने आत्महत्या की है और इन्हीं के परिवार को मदद की गई है जो कि करीब 39 फीसदी बैठता है।

जानकारों के मुताबिक आत्महत्या कोई किसान खुशी से नहीं करता। कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मूल कारण एक ही होता है खेती में मुनाफ़ा न होना, नुकसान होना। इसी के बाद परिवार में झगड़े भी होते हैं लेकिन अलग अलग कारण बताकर 61 फ़ीसदी किसानों को मुआवजा न देना उनके परिवार के साथ अन्याय है स्थानीय अधिकारी जानबूझकर एसा कर रहे हैं सरकार को ध्यान देना चाहिए।

आंकड़ों के मुताबिक जलगांव में हुई आत्महत्याओं में से अधिकांश को खेती में हुए नुकसान के कारण दिखाया गया है , जहां कुल 132 किसान आत्महत्या किये जिनमें से  51 मृतक परिवार मुआवजे के लिए योग्य हैं, जो कपास की खेती किए थे। नाशिक में कुल  99 किसानों ने आत्महत्या की और खेती संकट के कारण 34 आत्महत्याएं दिखाई गई। अहमदनगर में 78  किसानों ने आत्महत्या 31 खेती के कारण दिखाया गया।

2017 में, इन पांच जिलों में कुल 471 किसानों ने आत्महत्या की और 281 मामलों में मुआवजा दिया गया क्योंकि इन्हें कृषि संकट के मामलों के रूप में घोषित किया गया था।

 


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top