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10 लाख का यह बिजनेस 50 हजार में ऐसे करें शुरू, सरकार भी देगी साथ

नई दिल्ली (18 जनवरी): पीएम मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार लगातार देश में रोजगार को बढ़ाने की मुहिम में जुटी है। सरकार लोगों को खुदका बिजनेस शुरू करने के लिए तरह-तरह का प्रोत्साहन दे रही है। देश में एंटरप्रेन्‍योरशिप बढ़ाने और नया बिजनेस शुरू करने पर सरकार आसान शर्तों पर लोन के साथ साथ सब्सिडी भी देती है। ऐसी योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं होने की वजह से लोग इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं।

ऐसी ही एक योजना के तहत सरकार 40 फीसदी तक सब्सिडी देती है और कम ब्‍याज दर पर 55 फीसदी लोन तक दिया जाता है। क्वॉयर उद्यमी योजना के तहत प्रोडक्‍ट्स बनाने पर सरकार लोन, सब्सिडी के अलावा कई तरह की सुविधाएं देती है। क्‍वॉयर बोर्ड, मिनिस्‍ट्री ऑफ माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSMI के अधीन काम करता है। बोर्ड द्वारा नारियल जटा से बनने वाले प्रोडक्‍ट्स को प्रमोट करता है। बोर्ड द्वारा क्‍वॉयर उद्यमी योजना शुरू की गई है, जिसमें 10 लाख रुपए तक के प्रोजेक्‍ट्स को क्रेडिट लिंक्‍ड सब्सिडी दी जाती है।

अगर आप भी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो केवल 5 फीसदी पैसा होने के बाद आप इस स्‍कीम में अप्‍लाई कर सकते हैं। आपका प्रोजेक्‍ट्स अप्रूव होने पर आपको बैंक 55 फीसदी लोन सात साल के लिए लिए देते हैं, जबकि क्‍वॉयर बोर्ड द्वारा 40 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।

इस स्‍कीम के तहत सरकार लोन और सब्सिडी के साथ साथ और भी सर्विसेजे देती है। जैसे कि बोर्ड मार्केटिंग सपोर्ट असिस्‍टेंस भी देती है। यानी कि, क्‍वॉयर बिजनेस करने वाले उद्यमियों को एक साथ जोड़ कर कलस्‍टर (कंसोटोरियम) बनाया जाता है और उन्‍हें मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाता है। इतना ही नहीं, यदि आप अपने प्रोडक्‍ट्स की मार्केटिंग के लिए किसी एग्‍जीबिशन या फेयर में जाते हैं तो बोर्ड द्वारा खर्च का वहन किया जाता है। आपके प्रोडक्‍ट्स का शोरूम हायर करने में भी बोर्ड सपोर्ट करता है। कंसोटोरियम में काम कर रहे कर्मचारियों की सैलरी बोर्ड द्वारा दी जाती है।

क्‍वॉयर यानी नारियल जटा का इस्‍तेमाल फ्लोर मेट्स, डोर मेट्स, ब्रश, मैट्रेर्स (गद्दे), फ्लोर टाइल, फोम मैटेर्स, जैसा कि आप जानते हैं कि शहरी लाइफ स्‍टाइल में गद्दों का इस्‍तेमाल बढ़ता जा रहा है, इसलिए इस बिजनेस का काफी स्‍कोप है। इतना ही नहीं, अब इसका इस्‍तेमाल टैक्‍सटाइल में भी किया जा रहा है। वहीं, क्‍वॉयर फाइबर( नारियल रेशे) से रस्सी, कूलर में इस्‍तेमाल होने वाली घास की भी डिमांड है। इसके साथ-साथ आजकल फैंसी और डिजाइन आयटम्‍स भी तैयार किए जा रहे हैं। क्‍वॉयर यार्न को लेकर भी कई एक्‍सपेरिमेंट्स हो रहे हैं।

इस स्‍कीम के तहत लाभ उठाने के लिए कोई भी व्यक्ति, कंपनी, सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप, एनजीओ, सोसायटी, कॉ-ओपरेटिव सोसायटी, ज्‍वाइंट ग्रुप, चेरिटेबल ट्रस्‍ट अप्‍लाई कर सकते हैं।

इस स्‍कीम के बारे में आप क्‍वॉयर बोर्ड ऑफिस, जिला उद्योग केंद्र, क्‍वॉयर प्रोजेक्‍ट ऑफिस, पंचायतों और बोर्ड द्वारा अप्रूव नोडल एजेंसी में अप्‍लाई कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन भी कर सकते हैं। इसके बारे ज्यादा जानकारी के लिए आप http://coirservices.gov.in/frm_login.aspx पर लॉगिन कर सकते हैं।


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