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चीनी अखबारों ने ट्रंप को दी चेतावनी, युद्ध पड़ेगा महंगा

बीजिंग (17 जनवरी): डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने में अब महज 3 दिन बाकी हैं। ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका 45वें प्रेसिडेंट बन जाएंगे। लेकिन इससे पहले ही उनका कई देश में विरोध तेज हो गया है। ट्रम्प ने सोमवार को यूरोप के बड़े अखबारों को इंटरव्यू दिए। जिसमें नाटो देश और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल नाराज हो गए। वहीं, चीनी मीडिया ने धमकी दी है कि वे 'एक चीन नीति' को पलटने की कोशिश न करें। अमेरिका के लीडरशिप वाले नाटो को ट्रम्प ने गैरजरूरी बता दिया है, इससे अमेरिका को छोड़ नाटो के सभी 27 सदस्य देशों ने चिंता जताई है।

चीन ने ‘एक चीन नीति’ पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि इस नीति के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। चीन की एक सरकारी अखबार ने ‘एक चीन नीति’ पर ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि वो एक जोखिम भरा काम कर रहे हैं। ट्रंप ने पहले भी ‘एक चीन नीति’ पर सवल उठाए थे और अब हाल ही में उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा है कि एक चीन नीति पर बातचीत होनी चाहिए।

इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने भी कहा है कि एक चीन नीति पर कोई बातचीत नहीं होगी और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। गौरतलब है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के बाद ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग वेन से फोन पर भी बातचीत की थी जिससे चीन बेहद नाराज हुआ था। 1979 में ‘एक चीन नीति’ को अपनाये जाने के बाद ताइवान के किसी नेता से बात करने वाले ट्रंप अमेरिका के पहले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं।

चीन के एक अखबार ने लिखा है, 'अगर अमेरिका की आने वाली सरकार वन-चाइना पॉलिसी को तुरुप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करती है, तो पेइचिंग के पास सभ्य और शांत उपायों को छोड़कर किसी भी तरह से इस विवाद को खत्म करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचेगा।' एक अन्य अखबार ने ट्रंप को 'रुकी' (नौसीखिया) बताया है।


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