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'दोस्त' चीन को नहीं पाकिस्तान पर भरोसा, पाक से लगा बॉर्डर करेगा सील, जानिए...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (11 जनवरी) : अब चीन को भी पाकिस्तान से डर लगता है। जी हां, चीन पाकिस्तान से खौफजदा है। इतना खौफजदा कि पाकिस्तान के क्वेटा में बम ब्लास्ट होता हो तो उस ब्लास्ट की गूंज 4,500 किमी दूर चीन की राजधानी बीजिंग तक होती है। खौफ के इसी साए में चीन ने वो कदम उठा दिया है जिसने धूर्त पाकिस्तान और चालबाज चीन दोनों के दोहरे चरित्र को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। चालाक चीन को पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद, सैयद सलाउद्दीन और मसूद अजहर जैसे आतंक के आकाओं का डर सता रहा है। ये वही पाकिस्तानी आतंकी हैं जिसका चीन दुनिया के शीर्ष मंचों पर खुलेआम समर्थन करता रहा है। लेकिन अब चीन को पाकिस्तान से साफ-साफ खतरा दिख रहा है। खतरा आतंकी हमले का। जिस तरह से पाकिस्तान आतंकियों की पनाहगाह बन गया है दुनियाभर के आतंकी पाकिस्तान में आतंक की ट्रेनिंग लेते हैं। उससे वह दिन दूर नहीं जब चीन खुद आतंकवाद का शिकार होगा। चीन को डर सता रहा है कि उसके मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग के मुस्लिम युवा पाकिस्तान में जाकर आतंकवाद की ट्रेनिंग ले रहे हैं और वापस लौट कर शिनजियांग में छिटपुट गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।  शायद इसीलिए पाकिस्तान का 'दोस्त' चीन पाक अधिकृत कश्मीर से सटे अपने मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग की सीमा पर सुरक्षा और कड़ी करने जा रहा है। 

आइए जानते हैं पाकिस्तानी आंतकवाद से क्यों उड़ी है चीन की नींद-

    * शिन्जियांग प्रांत की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने चिंता जताई है।

    * शिन्जियांग प्रांत चीन का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल प्रांत है।

    * चीन का मानना है कि शिन्जियांग के मुस्लिम युवा आतंकी ट्रेनिंग ले रहे हैं।

    * पाकिस्तान और अफगानिस्तान में उन्हें आतंकी ट्रेनिंग मिल रही है

    * ट्रेनिंग के बाद ये आतंकी शिन्जियांग में छिटपुट वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

    * हाल ही में रविवार को शिन्जियांग के होतांग प्रांत में 3 आतंकी मारे गए थे।

    * इससे पहले होतन में 28 दिसंबर को आतंकियों ने 5 लोगों की हत्या कर दी थी।

    * चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी CPEC शिन्जियांग प्रांत से ही निकलता है।

    * CPEC चीन की बहुउद्देशीय परियोजना है जिसे चीन नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहेगा।

    * चीन CPEC पर 46 अरब डॉलर यानी लगभग 3 लाख करोड़ रुपए लगा चुका है।

    * गिलगिट-बल्टिस्तान से लेकर बलूचिस्तान तक इस परियोजना का विरोध हो रहा है।

    * इसीलिए चीन को CPEC पर आतंकी हमले की आशंका बनी रहती है।

    * अक्टूबर 2015 में क्वेटा के पुलिस ट्रेनिंग कैंप पर हुए हमले से उसकी रातों की नींद उड़ गई।

अपने देश के मुसलमानों पर चीन को नहीं है भरोसा... शिंजियांग के मुसलमानों पर चल रहा है 'दमनचक्र'

चीन में जिन इलाकों में मुस्लिम आबादी है वहां जबरदस्त दमन चल रहा है। मुसलमानों पर सख्ती की जा रही है। मस्जिदों में नमाज पढ़ने, रोजा रखने पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। मुसलमानों पर नए-नए कानून लागू किए जा रहे हैं। बुधवार को चीनी सरकार ने नया फरमान जारी किया जिसमें कहा गया कि मुस्लिम आबादी को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी अब से चीनी सरकार को देनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे देशद्रोह माना जाएगा। चीन में मुसलमानों पर इतनी सख्ती हो रही है लेकिन दुनियाभर के मुसलमानों की चिंता करने वाला पाकिस्तान चीन पर खामोश है।

मुसलमानों की बढ़ती संख्या से डरा चीन...

    * शिनजियांग चीन का उत्तर-पश्चिम में बड़ा प्रांत है।

    * इसकी सीमाएं पीओके और अफगानिस्तान से मिलती है।

    * शिनजियांग चीन का मुस्लिम बहुल प्रांत है।

    * शिनजियांग की आबादी 2.18 करोड़ है।

    * आबादी का 50 फीसदी मुसलमान हैं।

    * प्रांत में 24,800 धार्मिक स्थल हैं।

    * इनमें से 24,400 मस्जिद हैं।

    * 29,300 धार्मिक गुरुओं में से 29 हजार इमाम हैं।

शिनजियांग में मुस्लिम आबादी...

    * चीन में दो बड़े मुस्लिम समुदाय हैं 'उईघुर' और 'हुई'।

    * दोनों समुदाय शिनजियांग प्रांत में ही रहते हैं।

    * उईघुर पूरी आबादी का 45 प्रतिशत और और हुई 4.8 प्रतिशत है।

    * यहां रहने वाले लोग ऐसी भाषा बोलते हैं जो तुर्की के करीब है।

    * ये लोग सांस्कृतिक आधार पर मध्य एशिया के हिस्सों के करीबी हैं।

    * हालांकि चीन की आबादी के महासागर में दोनों की संख्या बूंद के समान है।

    * चीन धार्मिक असहिष्णुता के लिए कुख्यात माना जाता है।

    * तिब्बत में बौद्ध, शिनजियांग में मुसलमान और झेजियांग में ईसाई।

    * तीनों प्रांतों में इन्हें प्रताड़ित और धार्मिक-स्थलों को अपवित्र किया जाता है।

    * शिनजियांग में महिलाओं के पर्दा करने पर रोक है।

    * मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को रमजान में रोजा नहीं रखने दिया जाता।

    * चीनी सरकार की प्रताड़ना का सबसे ज्यादा शिकार उईघुर समुदाय होता है।

    * शिनजियांग में रहने वाला उईघुर समुदाय कट्टर मुस्लिम माना जाता है।

    * हुई समुदाय में इस्लाम की कट्टरता नजर नहीं आती।

    * अधिकतर लोग पड़े-लिखे होते हैं, बिजनेस और जॉब्स से जुड़े हैं।

शिनजियांग में क्यों मचा है संग्राम...

    * उइगर लोगों का चीनी प्रशासन से टकराव शिनजियांग के इतिहास का हिस्सा रहा है।

    * 1990 में सोवियत यूनियन के टूटने के बाद से यहां प्रदर्शनों की शुरुआत हुई।

    * उइगर लोग चीन से आजादी की मांग करने लगे, चीन ने इसे बर्बरता से कुचल दिया।

    * सांस्कृतिक भिन्नता से विपरीत आर्थिक वजहों से भी उइगरों में रोष है।

    * चीन ने यहां नौकरी के अहम पद मूल लोगों को न देकर हान चीनियों को दिए गए।

    * शिनजियांग में ये भी कारण रहा है, जिसने उइगरों में गुस्सा भड़काया।

    * चीन ने कठोर नीति अपनाकर मस्जिद और धार्मिक स्कूल भी बंद करा दिए।

    * 2014 में, सरकार के कुछ विभागों ने रमजान के महीने में रोजा रखने पर रोक लगा दी।

    * 18 साल से कम उम्र के बच्चे मस्जिदों में नहीं जा सकते।

    * फरवरी 2015 में शिनजियांग में धार्मिक आजादी को दबाने की एक और कोशिश की।

    * चीन ने शिनजियांग की सड़कों पर मौलवियों को जबरन डांस के लिए मजबूर किया।

    * मौलवियों से यह शपथ भी दिलवाई गई कि वह बच्चों को किसी तरह की धार्मिक शिक्षा नहीं देंगे।

शिनजियांग में बड़े हमले-

    * 2008- बीजिंग ओलंपिक से पहले उइगरों को निशाना बनाया गया, जिसमें 200 लोग मारे गए थे।

    * 2009- पुलिस स्टेशन पर हमला किया गया, जून में दंगे भड़के, 197 लोगो मारे गए।

    * 2010- सरकार के मुताबिक उइगर आतंकियों ने अक्सु में सुरक्षाबलों पर ट्रक चला दिया, सात की मौत।

    * 2012- 6 उइगर आतंकियों ने एयरक्राफ्ट को हाईजैक करने की कोशिश की।

    * 2013- अप्रैल और जून में उइगुर और हान चीनियों में संघर्ष से 56 लोगों की मौत हुई थी।

    * 2013- अक्टूबर में बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर पर बम धमाका हुआ जिसमें 5 की मौत हुई।

    * 2014- कुलमिंग रेलवे स्टेशन पर हमले में 29 की मौत, यारकंत में एक शख्स ने 96 लोगों की हत्या की।

    * 2015- आतंकियों ने अक्सू में 50 कोयला खदान मजदूरों को मार डाला।


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