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#BoycottChineseProducts से बौखलाया #China, #Media ने लिखी #India के खिलाफ 'असभ्य' भाषा, #SocialMedia पर भड़का गुस्सा

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (19 अक्टूबर): सोशल मीडिया पर #BoycottChineseProducts लिखकर पिछले 15 दिनों से जो अपील की जा रही थी उसका असर अब चीन में भी दिखने लगा है। बहिष्कार की अपील पर चीन पूरी तरह से बौखला गया है। इसी बौखलाहट में चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने संपादकीय में भारत के खिलाफ 'असभ्य' शब्दों का प्रयोग किया है। ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में लिखा गया है कि भारत केवल 'भौंक' सकता है और दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने की दिशा में कुछ नहीं कर सकता। भारतीय सोशल मीडिया पर चीन के उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान सिर्फ लोगों की भावनाओं को भड़काने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि वास्तविकता यह है कि भारतीय उत्पाद चीनी उत्पादों का मुकाबला कर ही नहीं सकते। संपादकीय की मुख्य बातें-

- भारत के प्रधानमंत्री का 'Make in India' प्रॉजेक्ट पूरी तरह अव्यवहारिक है। - अखबार ने चीनी कंपनियों को भी चेतावनी देते हुए लिखा है, भारत में निवेश ना करें। - भारत में निवेश आत्महत्या जैसा होगा, बेहतर होगा कि देश में पैसा न लगाएं। - ग्लोबल टाइम्स ने लिखा भारत के लोग भ्रष्ट हैं और कर्मचारी मेहनती नहीं हैं। - अखबार ने भारत और अमेरिका की बढ़ती घनिष्टता पर भी तंज कसा है। - अमेरिका किसी का दोस्त नहीं,सिर्फ चीन को साधने के लिए भारत का इस्तेमाल कर रहा है। - अमेरिका चीन की तरक्की से और उसके ग्लोबल पावर बनने से चिड़ता है।

क्यों हो रहा है चीनी सामान का बायकॉट- उरी हमले के बाद से ही देशभर में पाकिस्‍तान के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्‍सा है। भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन चीन पाकिस्तान की नापाक हरकतों में लगातार उसका साथ दे रहा है। चीन ने पाकिस्तान की शह पर तिब्बत में ब्रह्मपुत्र का पानी रोका। यूएन में अपने वीटो पावर का उपयोग करके जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने का विरोध किया है। भारत के एनएसजी सदस्यता के प्रयास में वह रोड़ा बना। यह भारत के खिलाफ पाक की 'चीनी साजिश' है।

योग गुरू बाबा रामदेव कर चुके हैं बहिष्कार की अपील- बाबा रामदेव ने भारतीयों से चीन के सामानों का इस्तेमाल बंद करने की अपील की है। रामदेव का कहना है कि चीन के सामानों की खरीद बंद करके ही चीन पर नियंत्रण किया जा सकता है। चीन के सामान को खरीदना देश के दुश्मन की मदद करने जैसा है। चीन की वस्तुओं का पूरे देश को बहिष्कार करना चाहिए क्योंकि जिस तरह से चीन हरकतें कर रहा है उससे राष्ट्र की एकता अखंडता और संप्रभुता को खतरा है।

जानिए भारतीय उद्योगों के लिए कितना खतरनाक है चीन... - दीवाली, होली, रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों चीन के टारगेट पर रहते हैं। - खिलौने, मूर्तियां, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक जैसे उत्पाद भारत में निर्यात किए जाते हैं।  - खिलौने, मूर्तियां, फर्नीचर कारोबार पर लगभग 40 प्रतिशत कब्जा है।  - भारत के दीवाली, होली से जुड़े कारोबार पर 45 फीसदी कब्जा कर लिया है। - दूरसंचार उद्योग (मोबाइल) के लिए 50 प्रतिशत उपकरण का निर्यात करता है। - प्लास्टिक , इस्पात, रसायन समेत 40 प्रतिशत लौह-अयस्क निर्यात करता है। - दवा निर्माण के लिए 85 फीसदी एपीआई का निर्यात करता है। - एक दशक में भारत में चीनी सामानों का आयात 34 गुना तक बढ़ चुका है। - इसका सिर्फ एक कारण है कि भारत में बने उत्पाद के मुकाबले चीनी उत्पाद सस्ता है।

भारतीयों को कैसे लगा रहा है चपत... - सेंट्रल एक्साइज के मुताबिक सॉफ्टवेयर और म्यूजिक में पायरेटेड चीन माल धड़ल्ले से बिक रहा हैं।  - फिल्मों में 6500 करोड़ रूपए का तो किताबों में 319 करोड़ का नकली कारोबार है। - ऑटो सेक्टर में 8300 करोड़ रूपए का तो सॉफ्टवेयर में 2 लाख करोड़ का नकली माल बिक रहा है। - पिछले साल online के जरिये बेचे गए 40% चीनी प्रोडेक्ट की गुणवत्ता घटिया और नकली थी।

भारतीय कंपनियों को अपने देश में नहीं घुसने देता...  - भारत की दवा, आईटी और एग्री कंपनियों के निर्यात पर कंट्रोल करता है चीन। - चीन ने इन कंपनियों पर नॉन टैरिफ बैरियर लगा रखा है।  - CII के अनुसार चीन कई भारतीय कम्पनियों को योग्य नहीं मानता। - चीन भारत की कंपनियों को बचने के लिए अपने उद्योगों को कच्‍चे माल पर सब्सिडी देता है। - अपने उद्योगों को लिए सात लाख से ज्यादा दुकानें खोली हैं।


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