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अमेरिका को चीन की टक्कर, स्टेल्थ लड़ाकू विमान FC-31 का किया सफल परीक्षण

बीजिंग, (26 दिसंबर): दुनिया की परवाह किए बगौर चीन लगातार रक्षा के क्षेत्र में अपनी ताकत में इजाफा करने में जुटा है। चीन के इन खतरनाक कदमों से एशिया ही नहीं पूरी दुनिया में खलबली मची है। चीन ने चीन ने 5वीं पीढ़ी के अपने स्टेल्थ लड़ाकू विमानों के सफल परीक्षण का दावा किया है। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमानों का सफल परीक्षण उसने दुनिया के आधुनिकतम लड़ाकू विमानों के क्षेत्र में पश्चिमी देशों के एकाधिकार को खत्म कर दिया है।

चीन ने यह परीक्षण ऐसे वक्त में किया है, जब चीन पहले से अपनी सैन्य ताकत दिखाने में जुटा हुआ है, और उसने हाल ही में सैन्याभ्यास के लिए अपने एकमात्र विमानवाहक पोत लियाओनिंग को पश्चिमी प्रशांत महासागर में भेजा है। चीनी अखबार 'चाइना डेली' के मुताबिक J-31 विमान के इस वर्शन का नाम FC-31 गाइरफैल्कन (FC-31 Gyrfalcon) रखा गया है। दो इंजन वाला तथाकथित 5वीं पीढ़ी का ये FC-31 गाइरफैल्कन अमेरिका के F-35 विमान का जवाब बताया जा रहा है, जो तकनीकी रूप से दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान है।

'चाइना डेली' के मुताबिक FC-31  से 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू जेट विमानों के बाज़ार पर कुछ देशों का एकाधिकार खत्म हो जाएगा। दरअसल चीन बड़ी तेजी से घरेलू हथियार उद्योग को बढ़ावा देने में जुटा हुआ है, जिसके लिए वह ड्रोन और एन्टी-एयरक्राफ्ट सिस्टमों से लेकर जेट विमानों के इंजन तक देश में ही तैयार कर रहा है।

पूर्व में चीन पर रूसी लड़ाकू विमानों के डिज़ाइनों की नकल करने का आरोप लगता रहा है, और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि FC-31 काफी हद तक अमेरिकी F-35 से मिलता-जुलता है।


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