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बाल दिवस 2018: गरीब बच्चों को सरकार ने दिया ये बेहतरीन तोहफा

पूरे देश में बाल दिवस बड़े ही हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस बीच सरकार ने गरीब और परेशान बच्चों को तोहफा दिया है। अब उनका भविष्य सड़कों पर नहीं कटेगा। जिलाधिकारियों ने शासन के आदेश पर अमल किया तो वे इंदौर के रोबिन हुड आर्मी मॉडल की तर्ज पर गरीब बच्चों की भूख मिटाने का इंतजाम कर सकेंगे। जी हां, आपको बता दें कि अपर मुख्य सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग राधा रतूड़ी ने स्वैच्छिक संगठनों के सहयोग से रेस्टोरेंट, होटल और आश्रमों में बचे ताजे भोजन को उसी रूप में तत्काल उन बच्चों तक पहुंचाने की योजना तैयार करने का निर्देश डीएम को जारी किए है।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 नवंबर): पूरे देश में बाल दिवस बड़े ही हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस बीच सरकार ने गरीब और परेशान बच्चों को तोहफा दिया है। अब उनका भविष्य सड़कों पर नहीं कटेगा। जिलाधिकारियों ने शासन के आदेश पर अमल किया तो वे इंदौर के रोबिन हुड आर्मी मॉडल की तर्ज पर गरीब बच्चों की भूख मिटाने का इंतजाम कर सकेंगे। जी हां, आपको बता दें कि अपर मुख्य सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग राधा रतूड़ी ने स्वैच्छिक संगठनों के सहयोग से रेस्टोरेंट, होटल और आश्रमों में बचे ताजे भोजन को उसी रूप में तत्काल उन बच्चों तक पहुंचाने की योजना तैयार करने का निर्देश डीएम को जारी किए है।दरअसल, पत्र में कहा है कि इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। जिससे गरीब परिवारों के खाने का इंतजाम होने के साथ ही खाने की बर्बादी बची है। प्रदेश में भी यह योजना बेसहारा व गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित होगी।इतना ही नहीं आपको बता दें कि विभाग ने सभी जनपदों को भिखारी मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक महीने में इसकी कार्ययोजना बनाकर भेजेंगे। उन्हें महिला एवं बाल विकास, पुलिस, श्रम, ग्राम्य विकास, नगर विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ स्वैच्छिक संगठनों के सहयोग से कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शासन ने तय किया है कि भीख मांगने, कूड़ा बीनने वाले, दिव्यांग, बाल श्रमिक व नशे की गिरफ्त में फंसे बच्चों का पुनर्वास किया जाएगा। ऐसे बच्चों के परिजनों की भी काउंसलिंग की जाएगी। हर जिले में परामर्शदाता पैनल बनाए जाएंगे।बंद हो रहे स्कूलों में खुलेंगे बाल गृहकम छात्र संख्या होने की वजह से प्रदेश भर में बंद हो गए स्कूलों के भवनों में से कुछ को बाल गृहों, ओपन शेल्टर और महिला गृहों में बदला जाएगा। शिक्षा विभाग अब तक 299 स्कूल बंद कर चुका है और 301 स्कूल आने वाले दिनों में बंद होने हैं।बाल सुधार को ये भी करना होगाचाइल्ड हेल्प लाइन, स्पेशल जुविनाइल पुलिस यूनिट, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड के साथ जिलाधिकारी हर तिमाही समीक्षा बैठक करेंगे। किशोर न्याय अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने को जिला विधि सेवा प्राधिकरण का सहयोग लिया जाएगा। मीडिया को बाल सुरक्षा से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता से रिपोर्टिंग की अपील की जाएगीबाल एवं महिला गृहों के उच्चीकरण एवं नवीन गृहों के निर्माण के लिए भूमि के प्रस्ताव मांगें जाएंगे 


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