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पर्ची वाली EVM से होंगे 2019 के चुनाव, केंद्र ने मंजूर किया 3000 करोड़

नई दिल्ली ( 19 अप्रैल ): ईवीएम पर जारी बहस के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आने वाले चुनावों में उपयोग के लिए पेपर ट्रेल मशीनों की खरीद के चुनाव आयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अगर सितंबर 2018 तक ये सारी EVM बनकर तैयार हो जाएंगी तो 2019 के लोकसभा चुनाव में हर कोई आश्वस्त हो सकेगा कि उसने किसको वोट दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में किया गया है जब विपक्षी दलों की ओर से चुनाव में EVM के साथ पेपर ट्रेल मशीन के उपयोग की मांग तेज हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में चर्चा के बाद मतदाता सत्यापन की पर्ची दिखाने वाली मशीन (VVPAT) के खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी। चुनाव आयोग ने देश के सभी मतदान केंद्रों के लिए 16 लाख से अधिक पेपर ट्रेल मशीनों की खरीद के लिए 3,174 करोड़ रुपये मांगे हैं।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने बुधवार को वीवीपैट मशीनों की खरीद के लिए 3,174 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने ये फैसला किया कि 16 लाख 15 हजार वीवीपैट मशीनों की खरीद के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को ये राशि मुहैया करायी जाएगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नई मशीनों के लिए बैठक संपन्न होने के बाद कहा, 'अगर सितंबर 2018 तक सारी मशीन आ जाती हैं तो स्वाभाविक है कि उसके बाद जितने भी इलेक्शन होंगे सभी पोलिंग बूथ की इलेक्ट्रॉनिक मशीन के साथ पेपर ट्रेल भी होगा। चुनाव आयोग हमेशा से इसकी मांग करता रहा है, और इसकी पूरी चर्चा करने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी है।'

VVPAT मशीन की खासियत

VVPAT मशीन में वोट डालने के बाद वोटर को एक पर्ची मिलेगी जिसमें उस पार्टी का चिह्न बना होगा जिसे उसने वोट दिया होगा। हालांकि दिखने के बाद यह पर्ची तुरंत एक बॉक्स में गिर जाएगी। मतलब मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा पाएंगे। सिर्फ सात सेकंड तक ही यह पर्ची दिखेगी।


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