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सिब्बल के बाद अब थरूर ने भी कहा, CAA का विरोध करना सिर्फ राजनीति

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री शशि थरूर ने कहा है कि राज्यों का सीएए के खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव का मकसद राजनीति करना है। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि कोई भी राज्य इसे लागू करने से इनकार नहीं सकते हैं।

Shashi Tharoor

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 जनवरी): नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री शशि थरूर ने कहा है कि राज्यों का सीएए के खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव का मकसद राजनीति करना है। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि कोई भी राज्य इसे लागू करने से इनकार नहीं सकते हैं। क्योंकि नागरिकता देने में राज्यों की कोई भूमिका नहीं होती है। इसलिए कानून के खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव राजनीति के अलावा कुछ नहीं हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस नेता और मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने भी कहा था कि राज्य सरकार CAA को लागू करने से इनकार नहीं कर सकते हैं। अभी हाल ही में पंजाब सरकार ने इस कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास किया है। जबकि केरल विधानसभा भी इसे पास कर चुकी है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि 'सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना एक 'राजनीतिक कदम' है क्योंकि नागरिकता देने में राज्यों की बमुश्किल कोई भूमिका है।' आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) भी सीएए को लेकर ऐसा ही बयान दिया था। कपिल सिब्बव ने कहा था कि संसद से पारित हो चुके नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लागू करने से कोई राज्य किसी भी तरह से इनकार नहीं कर सकता और ऐसा करना असंवैधानिक होगा। सिब्बल ने ट्वीट कर कहा था, "मेरा मानना है कि सीएए असंवैधानिक है। प्रत्येक राज्य विधानसभा के पास इस कानून को वापस लेने की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित करने का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन अगर कभी उच्चतम न्यायालय ने इसे संवैधानिक करार दिया तो इसका विरोध करने वाले राज्यों के लिये यह परेशानी का सबब बनेगा।" उन्होंने सीएए के खिलाफ जंग जारी रहने की भी जरूरत पर बल देते हुए कहा कि यह लड़ाई हर हाल में जारी रहनी चाहिए।     

सिब्बल के शनिवार को दिए गए बयान से गैरभाजपा शासित राज्यों केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर दी थी। ये राज्य सीएए और एनआरसी पर केन्द्र सरकार के रुख से असहमति जताते हुए इसे लागू करने का विरोध कर रहे हैं।

(Image Credit: Google)


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