News

बिहार के सरकारी हॉस्टल से भागी लड़कियां, बोलीं- रात में आया करते थे मुखिया जी

बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह की कलंक कथा अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि एक और शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पूरा मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखण्ड के बेलौटीं गांव की है

Hasturaba Gandhi Hostel Image Credit: Google

अमिताभ ओझा, न्यूज 24 ब्यूरो, पटना (10 जुलाई): बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह की कलंक कथा अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि एक और शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पूरा मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखण्ड के बेलौटीं गांव की है जहां के पंचायत सरकार भवन में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की लड़कियों का हॉस्टल है। करीब सौ लडकियां इस होस्टल में रहती है। जिनमें क्लास छह से लेकर आठ तक छात्राएं है। बीते 4 जुलाई की देर रात हॉस्टल की दो लड़कियां दीवार फांद कर भाग गई और गांव के एक सामुदायिक भवन में छिप गई। तभी एक सांप को देखकर लड़कियां चिल्लाने लगी जिसको सुनकर गांव के लोग एकत्र हुए और लड़कियों ने गांव वालों को आपबीती सुनाई। जिसको सुनकर सभी के होश उड़ गए। ये लड़कियां बता रही हैं कि हॉस्टल की वार्डन उनके साथ मारपीट करती है और गलत काम करने के लिए कहती है। इतना ही नहीं इन लड़कियों ने बताया कि रात के अंधेरे में कुछ लोग यहां आते हैं और गलत काम करते हैं, जिसमें बेलौटीं पंचायत के मुखिया का भी नाम लिया गया।  घटना की जानकारी ग्रामीणों ने शाहपुर थाना शाहपुर बीडीओ को दी जिसके बाद आनन-फानन में शाहपुर बीडीओ और शाहपुर थाना प्रभारी दल बल के साथ बेलौटी पंचायत सरकार भवन पहुंचे जहां पर पहुंचने के साथ ही उन लोगों ने लड़कियों के साथ आपबीती सुनी और जांच में जुट गई। पुलिस होस्टल पहुंच कर जांच कर रही थी उसी दौरान होस्टल में दो अनजान महिला मिली जो इस विद्यालय से सम्बद्ध नहीं थी। पूछताछ में दोनों ने खुद को वार्डेन की परिचित बताया लेकिन वार्डेन और दोनों महिलाओं के बयानों में विरोधाभास था। इससे पहले पुलिस को देखकर दोनों महिलाएं दीवार फांदकर भागने लगी थी जिन्हें पुलिस ने खदेड़कर पकड़ लिया।

मौके पर पहुंचे अधिकारियों से ग्रामीणों ने साफ तौर पर शिकायत किया कि इस विद्यालय के हॉस्टल में लड़कियों के साथ अनैतिक कार्य किया जाता है। वार्डेन और मुखिया की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस ने वार्डेन के अलावा दो संदिग्ध महिलाये और दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। भोजपुर के एसपी सुशील कुमार ने न्यूज़ 24 को बताया कि छात्राओं का 164 का बयान कराया गया हैं। हालांकि बयान में कहीं भी उनके साथ यौन प्रताड़ना का आरोप नहीं  लगाया है। सबसे बडी बात थी कि जिन दो लड़कियों ने आरोप लगाया है उनका इस विद्यालय में नामांकन तक नहीं था जबकि पिछले चार पांच दिनों से दोनों इस होस्टल में थी। दोनों का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इस वजह से वार्डेन के खिलाफ मामला बनता है। एसपी ने बताया कि होस्टल में पकड़ी दो अन्य महिलाओं का भी होस्टल के रजिस्टर में कोई जिक्र नहीं था जिस वजह से उनको भी गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

ग्राउंड जीरो से न्यूज़ 24 की तफ्तीश के मुताबिक 5 जुलाई को पुलिस ने कार्रवाई की थी। जिसके बाद 9 जुलाई को न्यूज़ 24 की टीम भोजपुर के इस बिलौटी गांव में पहुंची। लगभग सौ छात्राओं के इस कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को फिलहाल किसान पंचायत भवन में चलाया जा रहा है। छात्रावास में फिलहाल प्रशासन ने पांच महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की है। पूरा होस्टल खाली है। होस्टल प्रभारी वार्डेन का कहना है कि घटना के बाद सभी छात्राओं को उनके अभिभावक घर ले गए हैं। उनके अलावा दो महिला रसोइया ही है। जब उनसे घटना के बाबत जानकारी लेने की कोशिश किया तो उनका कहना है उन्हें बहुत जानकारी नहीं है। जबकि वो इस छात्रावास में 2009 से तैनात हैं। जबकि पुलिस गिरफ्त में गई वार्डेन 2007 से है तैनात है।

इस छात्रावास के चारो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे है लेकिन एक साजिश के तहत सभी कैमरे तोड़े हुए है। आखिर इन कैमरों को तोड़ने के पीछे क्या कारण हो सकते है।जबकि छात्रावास के पिछ ऊंची सड़क है।गांव की एक महिला ने बताया कि पीछे की दीवार की तरफ से ही कुछ लोगो का आना जाना लगा रहता था।महिला ने बताया कि जो लडकिया रात में भागी थी वो काफी डरी हुई थी। इस पूरे मामले में बिलौटी गांव के मुखिया की भूमिका संदिग्ध है हालांकि पुलिस ने अभी तक मुखिया के खिलाफ कार्रवाई नही की है।लेकिन न्यूज़ 24 से बात करते हुए मुखिया जयशंकर तिवारी ने बताया कि मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। इस मामले में मेरी कोई भूमिका नहीं है। मुखिया भले ही अपने आपको फसाये जाने के आरोप लगाते है । खुद को शाहपुर के आरजेडी विधायक का प्रतिनिधि भी बताते है। लेकिन बिलौटी गांव के कई लोगो ने न्यूज़ 24 को बताया कि मुखिया का इस आवासीय विद्यालय में देर रात आना जाना लगा रहता था, लेकिन पता नहीं क्यों प्रशासन उनके खिलाफ करवाई नहीं कर रही है। भोजपुर पुलिस भले ही इस मामले की जांच कर रही हो लेकिन न्यूज़ 24 की तफ्तीश में कई सवाल है जिनका जवाब अभी बाकी है।

1.बिना नामांकन के दो नाबालिग बच्चियों को आखिर होस्टल में क्यो रखा गया था ?2.होस्टल में वो दो महिलाएं कौन थी और पुलिस को देखकर 10 फिट ऊंची दीवाल फांदकर भागी क्यों ?3.होस्टल में यदि सबकुछ सामान्य था तो वार्डेन के खिलाफ गुस्सा क्यों?4.लडकिया रात के ढाई से तीन बजे भागी थी ,लड़कियों का कहना है कि उस वक़्त मुखिया होस्टल में थे और गेट खुला था ,आखिर इतनी रात मुखिया होस्टल में क्या करने गए थे?5.आखिर होस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर क्यो तोड़ दिए गए थे ?6. जब शक के घेरे में मुखिया है तो उसके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यो नही की गई ?


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top