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मोबाइल की रोशनी में कराया प्रसव, नवजात की मौत

बाराबंकी (12 मई): भले योगी सरकार राज्य के तमाम अस्पतालों और डॉक्टरों को अपने व्यवहार में बदलाव लाने की लाख चेतावनी क्यों ने दे रहे हो। लेकिन इसका इनपर असर पड़ता नहीं दिख रहा है। ताजा मामला फतेहपुर CHC का है। यहां डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से जन्म के बाद ही एक नवजात की मौत हो गई। इतना ही नहीं घटना के बाद स्टाफ नर्स ने जच्चा बच्चा को घर ले जाने की बात कहते हुए वार्ड से जबरन बाहर निकाल दिया।

प्रसूता का आरोप है कि जिस समय प्रसव हो रहा था उस समय बिजली नहीं थी। स्टाफॅ नर्स से जेनरेटर चलवाने को कहा गया तो उसने कहा कि बस दो मिनट का काम है। बाद में मोबाइल की रोशनी उसका प्रसव किया गया। कम रोशनी की वजह से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था यहीं वजह है कि नवजात की मौत हो गई। यह भी आरोप है कि स्टाफ नर्स ने प्रसव के दौरान काफी जोर जबरदस्ती भी की जिसकी वजह से बच्चे की मौत हो गई। 

आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉ. संजीव मोहन ने भी बच्चे को हाथ तक नहीं लगाया। पीड़ित महिला ने एसडीएम और कोतवाल को शिकायती पत्र देकर स्टाफ नर्स की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।


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