News

राम मंदिर निर्माण पर आज हो सकता बड़ा ऐलान !

2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बीजेपी और मोदी सरकार पर भारी दवाब है। इसी कड़ी में देर रात 2 बजे मुंबई में अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात हुई है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (2 नवंबर): 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बीजेपी और मोदी सरकार पर भारी दवाब है। इसी कड़ी में देर रात 2 बजे मुंबई में अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात हुई है। इस मुलाकात का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि आज आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक का समापन होगा और दो बजे संघ की प्रेस कांफ्रेंस होगी। जिसमें मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा एलान किया जा सकता है।आपको बता दें कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर पिछले एक महीने में जिस तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक के साथ-साथ अन्य संगठन और नेता जिस तरह से बयान दे रहे हैं उससे लगाता है कि 2019 के चुनाव में राम मंदिर सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी के उत्सव पर न केवल जल्द राम मंदिर निर्माण की बात कही बल्कि मोदी सरकार से राम मंदिर पर कानून बनाने की मांग भी की। वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने 5 अक्टूबर को राम मंदिर पर संतों के उच्चाधिकार समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में संतों ने तय किया कि संतों का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद के शीतकालीन सत्र में कानून बनाने की मांग करेगा।

संतों के ज्ञापन के बाद भी सरकार की तरफ से अगर राम मंदिर के निर्माण पर कानून बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जाते, तो देश भर में वीएचपी कार्यकर्ता और समाजसेवी सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ मिलकर उनसे यह मुद्दा संसद में उठाने की मांग करेंगे। इसके साथ ही उनसे राम मंदिर के निर्माण के संसद में कानून बनाने के ज्ञापन पर हस्ताक्षर कराएंगे। उसके बाद सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सौंपेंगे।सूत्रों की मानें तो बीजेपी के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद वीएचपी के राममंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाए जाने को लेकर ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे।इससे साफ है कि आने वाले शीत सत्र में तीन तलाक और नेशनल बैकवर्ड क्लास कमीशन जैसे मुद्दों के साथ राम मंदिर का मुद्दा सबसे ऊपर रहेगा। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार राम मंदिर निर्माण का कानून पास नहीं करवाती है तो वीएचपी की राममंदिर पर संतों की उच्चाधिकार समिति 31 जनवरी, 2019 और 1 फरवरी को इलाहाबाद में कुंभ में आयोजित धर्मसंसद में मंदिर निर्माण पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इस धर्म संसद में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहेंगे।वीएचपी देशभर में सभी सांसदों से राममंदिर के निर्माण के लिए सरकार को संसद में कानून पास करने के लिए ज्ञापन पर हस्ताक्षर करवा कर सरकार कानून बनाने का दबाव बनाएगी।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये रिपोर्ट...


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top