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अमृतसर हमला: ISI के इशारे पर खालिस्तानी समर्थकों ने दिया वारदात को अंजाम !

अमृतसर के निरंकारी भवन में हुए हमले पर बड़ा खुलासा हुआ है। अब इस हमले के पीछे हुई साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबरों के मुताबिक हमले के पीछे खालिस्तान समर्थकों का हाथ है

विशाल एंग्रीश, न्यूज 24, चंडीगढ़ (19 नवंबर): अमृतसर के निरंकारी भवन में हुए हमले पर बड़ा खुलासा हुआ है। अब इस हमले के पीछे हुई साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबरों के मुताबिक हमले के पीछे खालिस्तान समर्थकों का हाथ है। इस पूरे मॉड्यूल को आईएसआई के इशारे पर तैयार किया गया। इसमें लड़कों को खालिस्तान के नाम पर उकसाकर काम सौंप गया। खबर है कि कश्मीरी आतंकी संगठन की मदद से पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान आतंकियों ने पूरे हमले की साजिश तैयार की। पंजाब पुलिस के सूत्रों की मानें तो हमले के पीछे खालिस्तानी समर्थकों का हाथ है, जिन्होंने लोकल लड़कों को बहकाकर इस वारदात को अंजाम दिया। ISI की शह पर कश्मीर के आतंकी संगठनों के साथ पाकिस्तान में छिपकर बैठे खालिस्तानी आतंकियों ने इस नेक्सैस को तैयार किया। बताया जा रहा है कि इस हमले के लिए विदेश से फंडिंग हुई है, जिसकी मदद से ही आईएसआई के स्लीपर सेल ने स्थानीय लड़कों को हैंड ग्रेनेड मुहैया कराई गई।

आपको बता दें कि रविवार को अमृतसर के अदलीवाला गांव में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राजासांसी के अदावली गांव के संत निरंकारी भवन में हुए इस ब्लास्ट में 3 लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद पंजाब समेत राजधानी दिल्ली, हरियाणा और एनसीआर में हाईअलर्ट है। एनआईए की एक टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हमले में शामिल संदिग्धों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले के लिए 50 लाख के इनाम की घोषणा की है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया है कि हमलावरों के वारे में जानकारी देने वाले को 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा साथ ही उनकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस हेल्प लाइन नं. 181 पर सूचना दी जा सकती है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह घटनास्थल का जायजा लेने आज गांव अदलीवाला जाएंगे।  वह अस्पताल में  घायलों से भी मुलाकात करेंगे।

इन सबके बीच अमृतसर के राजासांसी क्षेत्र के अदलीवाल गांव में रविवार को हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की तस्वीरें सामने आई है। दरअसल आतंकी हमले के मामले में सीसीटीवी में हमलावरों की तस्‍वीरें कैद हो गई हैं। पुलिस ने ये तस्‍वीरें जारी की है। इसके साथ ही मामले की जांच तेज हो गई है। एनआइए ने भी जांच का मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को यहां निरंकारी भवन में चल रहे सत्‍संग पर ग्रेनेड फेंका गया था। इससे हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हमले में पाकिस्‍तानी व कश्‍मीरी आतंकियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि तीन युवक सत्‍संग के दौरान वहां पहुंचे और ग्रेनेड फेंक दिया। यह मंच के पास फट गया। पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि हम इसे आतंकी हमला मान रहे हैं। अन्‍य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। हमले में पाकिस्‍तानी व कश्‍मीरी आतंकियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि तीन युवक सत्‍संग के दौरान वहां पहुंचे और ग्रेनेड फेंक दिया। यह मंच के पास फट गया। पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि हम इसे आतंकी हमला मान रहे हैं। अन्‍य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।खुफिया एजेंसियों को निरंकारी भवन पर हुए ग्रेनेड हमले का शक गोपाल सिंह चावला पर है जो आतंकी हाफिज सईद के साथ देखा गया था। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक चावला पंजाब में आईएसआई की मदद से धमाके करने की योजना बना रहा था। वह ऐसे ऐप्स के जरिए स्थानीय युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है जिसे आसानी से डिकोड न किया जा सके। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस धमाके के पीछे गोपाल सिंह चावला का हाथ हो सकता है। गोपाल सिंह चावला पाकिस्तानी सिख है और वह पाकिस्तानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का पूर्व महासचिव है। उसे खालिस्तानी समर्थक माना जाता है। इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो आतंकी जाकिर मूसा के भी पिछले दिनों में कुछ खालिस्तानी समर्थकों से मिलने की खबर है। जाकिर मूसा को कुछ ही दिन पहले पंजाब में देखा गया था। इस बात की शंका जताई जा रही है कि जिन लोगों से जाकिर मूसा मिला है, वह स्लीपर सेल भी हो सकते हैं।


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