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कुंभ 2019: प्राचीन सभ्यता के रंग में रंगा प्रयागराज,बोल उठी शहर की दीवारें

प्रयागराज की दीवारों को सांस्कृतिक विरासत का जीता जागता स्वरूप बनाया जा रहा है। कुंभ की महिमा का बखान करने के लिए शहर की सड़कों के किनारे की दीवारों पर नायाब पेंटिंग की जा रही है। पेंटिंग भी ऐसी कि मानो दीवारें बोल उठी हों। यह दीवारें श्रद्धालुओं की आंखों को सुकून भी देंगी और भारतीय संस्कृति व कुंभ का वैभव भी दिखाएंगी। पेंट माय सिटी' मुहिम के तहत प्रयागराज की दीवारों पर साहित्यिक, धार्मिक और ऐतिहासिक घटनाओं को चित्रों के माध्यम से उकेरा जा रहा है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली,उत्कर्ष अवस्थी (18 नवंबर): देश के प्राचीन शहरों में से एक प्रयाग को वापस पुरानी पहचान दिलाने के लिए पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया था और इलाहाबाद का नाम पुनः प्रयागराज किए जाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया तक में नामकरण को लेकर खूब सारे सवाल उठाए जाने लगे। मगर अब योगी सरकार नाम बदलने के बाद इलाहाबाद की पूरी तस्वीर को ही बदलने में जुट गई है। यूं तो कुंभ के मद्देनजर पूरे शहर के सड़कों का चौड़ीकरण और चौराहों का सौंदर्यीकरण हो रहा है। इसी बीच 'पेंट माय सिटी' अभियान से संगम नगरी के हर कोने को सजाया और संवारा जा रहा है। प्रयागराज की दीवारों को सांस्कृतिक विरासत का जीता जागता स्वरूप बनाया जा रहा है। कुंभ की महिमा का बखान करने के लिए शहर की सड़कों के किनारे की दीवारों पर नायाब पेंटिंग की जा रही है। पेंटिंग भी ऐसी कि मानो दीवारें बोल उठी हों। यह दीवारें श्रद्धालुओं की आंखों को सुकून भी देंगी और भारतीय संस्कृति व कुंभ का वैभव भी दिखाएंगी। पेंट माय सिटी' मुहिम के तहत प्रयागराज की दीवारों पर साहित्यिक, धार्मिक और ऐतिहासिक घटनाओं को चित्रों के माध्यम से उकेरा जा रहा है।

चित्रकारी में प्राचीन भारत की झलकशहर के जितने भी रास्ते से अब पर्यटक गुजरेंगे वहां की हर दीवार पर भारतीय प्राचीन भारत की सभ्यता की झलकियांआंखों के सामने नजर आएंगी। दरअसल प्रयागराज में इस समय 500000 स्क्वायर फीट पर पेंटिंग का कार्य चल रहा है। यानी पूरे शहर की एक-एक दीवार पर पेंटिंग बनाई जा रही है और यह पेंटिंग प्राचीन भारत की सभ्यता की तस्वीरें होगी। जो आपके स्वागत में तैयार हो रही हैं और यहां आने पर आप इन्हें देख सकेंगे। मुख्य मार्ग से लेकर लिंक मार्ग और मोहल्लों से लेकर चौराहे तक जाने वाली हर सड़क पर जितनी भी दीवारें हैं उन पर भारतीय संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग को उकेरा जा रहा है। साधु-संतों से लेकर प्रयागराज की बड़ी हस्तियों के चित्र भी दीवारों पर बनाए जा रहे हैं।

500 से अधिक कलाकार संवार रहें हैं शहरसबसे खास बात यह है कि सब इस अभियान को लेकर सरकार ने नामचीन कलाकारों को व इस विधा में पारंगत पासआउट डिप्लोमा धारी छात्रों को हायर किया है और उन्हें रोजगार के साथ शहर की तस्वीर बदलने की जिम्मेदारी दी गई है। पूरे शहर में 5 लाख स्क्वायर फीट पर पेंटिंग की जानी है और इस समय पूरे संगम नगरी में लगभग 500 से अधिक कलाकार इस अभियान को अंजाम दे रहे हैं। लगभग 2 महीने का वक्त इस पूरे अभियान को अंतिम छोर तक पहुंचाने में लगेगा, जिसके लिए कलाकार लगातार कई घंटे अनवरत काम कर रहे हैं।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज़ होगी पेंटिंग'पेंट माय सिटी' के तहत केन्द्रीय कारागार की दीवार पर 54 हजार स्क्वायर फीट के दायरे में समुद्र मंथन की कृतियां उकेरी जा रही हैं। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज कराने की तैयारी है। इस अभियान के तहत नैनी रेलवे स्टेशन, त्रिवेणी पुष्प के अलावा सभी सरकारी, अर्धसरकारी सहित कई निजी इमारतों की दीवारों को पेंट किया जाना है। इन सबमें नैनी जेल की दीवारों पर बनने वाली पेंटिंग सबसे ज्यादा लंबी, ऊंची और ऐतिहासित होगी। इसे नोएडा की कंपनी इनसोल आर्ट्स पेंट कर रही है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि नैनी जेल की दीवार पर बन रही पेंटिंग इसलिए भी अपने आप में खास होगी क्योंकि यह अब तक की सबसे उंची और लंबी पेंटिंग होगी। जिसमें समुद्र मंथन के कुल 22 पैनल बनाए जाएंगे।


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