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टूटा बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन, आप-कांग्रेस ने बोला हमला

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर अपना स्टैंड बीजेपी (Bjp) से अलग करने और दिल्ली विधानसभा चुनाव न लड़ने पर अकाली दल (Akali Dal) के खिलाफ विपक्षी दलों (Opposition Party) ने जमकर निशाना साधा हैं।

Manoj Tiwari, मनोज तिवारी

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विशाल एंग्रीश, न्यूज 24 ब्यूरो, चंडीगढ़(21 जनवरी): नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर अपना स्टैंड बीजेपी (Bjp) से अलग करने और दिल्ली विधानसभा चुनाव न लड़ने पर अकाली दल (Akali Dal) के खिलाफ विपक्षी दलों (Opposition Party) ने जमकर निशाना साधा हैं। पंजाब (Punjab) की मुख्य विपक्षी पार्टी आप ने दिल्ली (Delhi) में अकाली दल (Akali Dal) की ओर से दिल्ली चुनाव (Delhi Election) ना लड़ने के ऐलान को लेकर हमला बोला है। पंजाब में आप प्रमुख और विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी को समझ में आ चुका है कि अकाली दल डूबता हुआ जहाज है। इसी वजह से पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव में और फिर दिल्ली में इस पार्टी से किनारा कर लिया है। जल्द ही बीजेपी अकाली दल के साथ अपना गठबंधन तोड़ने जा रही है। उन्होंने कहा चुनाव एक तरफा है और आम आदमी पार्टी पिछले रिकॉर्ड की तरह ही प्रदर्शन करने जा रही है। इसी वजह से जब बीजेपी ने भाव नहीं दिया तो हार के डर से अकाली दल के नेताओं ने CAA का बहाना करके चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया। संसद के अंदर हरसिमरत कौर बादल और सुखबीर बादल CAA के समर्थन में वोट करते हैं और बाहर आकर दिल्ली चुनाव में हार से डर कर दिए को लेकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

वहीं इस पूरे मामले पर पंजाब में सत्तासीन कांग्रेस ने भी अकाली दल पर बड़ा हमला बोला।कहा कि अगर केंद्र सरकार के CAA के खिलाफ इस तरह अकाली दल के नेता है तो वो सबसे पहले केंद्रीय स्तर पर और राज्य स्तर पर बीजेपी के साथ पूरी तरह से अपना गठबंधन तोड़ें। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल अपने पद से इस्तीफा दे दें और फिर CAA का विरोध करने की बात करें। पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा ने कहा कि पहले पंजाब विधानसभा चुनाव में अकाली दल को हार मिली फिर लोकसभा चुनाव में भी अकाली दल कुछ खास नहीं कर पाया इसी वजह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी हार को देखते हुए अकाली दल ने इस तरह की बहाने बाजी करके चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है।

इस पूरे मामले पर अकाली दल और बीजेपी के पंजाब के नेताओं ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ हुआ है वो अकाली दल की दिल्ली यूनिट का फैसला है और इसका कोई भी असर पंजाब में दोनों पार्टियों के गठबंधन पर नहीं पड़ेगा। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन बेहद ही पुराना है और उन्हें नहीं लगता कि अकाली दल की दिल्ली यूनिट ने जो फैसला लिया है उसका कोई भी असर पंजाब में दिखाई देगा। वहीं पंजाब बीजेपी के प्रवक्ता विनीत जोशी ने कहा कि पंजाब में अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन हिंदू सिख भाईचारे की मिसाल है। इसी वजह से ये गठबंधन पंजाब में पिछले कई सालों से लगातार कायम है और जो कुछ दिल्ली में हुआ है या फिर हरियाणा की राजनीति में हुआ है।


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