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राजपथ पर दिखेंगे ये खतरनाक हथियार, जो पाक को पल में कर देंगे तबाह

हिंदुस्तान गणतंत्र का 71वां पर्व मानने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजपथ सज चुका है। राजपथ से पूरी दुनिया देखेगी बुलंद गणतंत्र की आन-बान और शान। देश के एक अरब तीस करोड़ लोगों के साथ पाकिस्तान और चीन भी

Republice Day, गणतंत्र दिवस

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली, (26 जनवरी) : हिंदुस्तान गणतंत्र का 71वां पर्व मानने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजपथ सज चुका है। राजपथ से पूरी दुनिया देखेगी बुलंद गणतंत्र की आन-बान और शान। देश के एक अरब तीस करोड़ लोगों के साथ पाकिस्तान और चीन भी बुलंद गणतंत्र की फौज के अत्याधुनिक हथियारों को गौर से देखेंगे। 2020 आर्मी, नेवी और एयरफोर्स तीनों के लिए बहुत अहम है।इस साल एयरफोर्स को जहां राफेल लड़ाकू विमान और S-400 जैसे अत्याधुनिक हथियार मिलेंगे तो नेवी को विक्रांत जैसा एयरक्राफ्ट कैरियर। आर्मी के तरकश में आएंगी नई-नई तोप। बुलंद गणतंत्र के जश्न से पहले हिंदुस्तान के इस शक्तिमान के परीक्षण ने पाकिस्तान और चीन की नींद जरुर उड़ा दी होगी।

K-4 मिसाइल का 'दम'

हफ्ते भर में अंदर दूसरी बार पनडुब्बी से छोड़ी जानेवाली इस बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण हुआ तो इससे हर हिंदुस्तानी का सीना 56 इंच का हो गया। इस मिसाइल की रेंज में पूरा पाकिस्तान और चीन का बड़ा हिस्सा आ रहा है।

- K-4 मिसाइल को हिंदुस्तान की अरिहंत श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों पर तैनात करने की तैयारी है।

K-4 बैलिस्टिक परमाणु मिसाइलों से नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

फिलहाल नौसेना के पास INS अरिहंत ही इकलौती ऐसी पनडुब्बी है, जो परमाणु क्षमता से लैस है।

- हिंदुस्तान की ये मिसाइल 3500 किलोमीटर दूर तक दुश्मन को नेस्तनाबूत करने की कुव्वत रखती है।

अब ये समझना भी जरूरी है कि आखिर बैलिस्टिक मिसाइल क्या होती है? जब किसी मिसाइल के साथ दिशा बताने वाला यंत्र लगा दिया जाता है, तो वह बैलिस्टिक मिसाइल बन जाती है .K-4 मिसाइल

- 200 किलो वजनी परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है

- दुश्मन के रडार पर मिसाइल आसानी से नहीं आती है

S-400

मतलब, मायावी शक्ति से लैस K-4 बैलिस्टिक मिसाइल के नौसेना के बेड़े में शामिल होने के साथ ही हिंदुस्तान की शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी। दिसंबर तक इस साल हिंदुस्तान की तरकश से रूस से S-400 भी आने वाला है। ये पाकिस्तान की गजनवी मिसाइल का काल है। ये पाकिस्तान की शाहीन मिसाइल को पलक झपकते मार गिराएगा। रूस में बने इस अग्निबाण के आने से हिंदुस्तान की आसमानी सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी। दुनिया इस अग्निबाण को एस-400 के नाम से जानती है। ये एक साथ एक-दो नहीं पूरे परमाणु क्षमता वाली 36 मिसाइलों को आसमान में ही तहस -नहस करने की कुव्वत रखता है। मतलब, पाकिस्तान की गजनवी जैसी 36 मिसाइलों को एक साथ आसमान में ठिकाने लगा सकता है।

अगर पाकिस्तान ने लाहौर से कोई परमाणु मिसाइल दागी तो S-400 आसमान से खिलौने की तरह तहस-नहस कर देगा। अगर सरगोधा एयरबेस से कोई हिमाकत की तो भी इस अग्निबाण की रेंज में रहेगा। रफीकी एयरबेस हो या मसरूर एयरबेस पाकिस्तान के ज्यादातर एयरबेस से दागी गई मिसाइलों को ये पलक झपकते ही मार गिराएगा। गुजरावाला आर्मी बेस से भी पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत को ये कामयाब नहीं होने देगा।

राफेल लड़ाकू विमान

फ्रांस में बने इस लड़ाकू विमान को गगनलोक यानी आसमान का बाहुबली कहा जाता है। इस साल मई में राफेल लड़ाकू विमानों की अगली डिलिवरी मिलने वाली है, जिसमें पांच लड़ाकू विमान मिलने हैं। दुश्मनों के बीच खौफ का दूसरा नाम रफेल को ऊंचाई वाले इलाकों में लड़ने में महारत हासिल है। पलक झपकते ही हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच छिपे दुश्मन को ये खत्म कर देगा। सिर्फ एक मिनट में 60 हजार फुट तक की ऊंचाई पर ये पहुंच सकता है। घंटे भर में ही 2200 से 2500 किलोमीटर दूर दुश्मन को निपटाने के लिए पहुंच सकता है। राफेल 24500 किलो वजन के साथ दुश्मनों के सफाए के लिए आराम से टेकऑफ कर सकता है। इसमें लगी गन से एक बार में 125 राउंड गोलियां निकलती हैं। मई के बाद हिंदुस्तान के आसमान की निगहबानी में जुट जाएगा गगनलोक का ये बाहुबली।

समंदर का सिकंदर 'विक्रांत'

राजपथ पर बुलंद गणतंत्र के शौर्य के दौरान भारतीय नौसेना अपनी झांकी में समंदी ताकत का भी प्रदर्शन करेगी। लेकिन, समंदर में बर्चस्व के लिए भारतीय नौसेना को सबसे ज्यादा इंतजार एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत का है। फिलहाल, विक्रांत कोचीन शिपयार्ड में तैयार हो रहा है। जो समंदर में तैरता एक भारतीय नौसेना का किला होगा।

INS विक्रांत का दम

वजन 40 हजार टन।

830 फीट लंबा विमानवाहक पोत।

विक्रांत की चौड़ाई 200 फीट।

सिर्फ 4 देशों के पास इतना बड़ा जहाज।

20 मिग-29 लड़ाकू विमान एक साथ लाने की क्षमता।

10 लड़ाकू हेलीकॉप्टर लाने की जगह।

मतलब, इस साल जब समंदर का ये सिकंदर पानी में उतरेगा तो पाकिस्तान और चीन दोनों का बर्ल्डप्रेशर बढ़ना तय है।

K-9 वज्र करेगी

जमीन पर भारतीय फौज का तरकश 2020 में ही और मजबूत होता। बोफोर्स और होवित्जर के साथ के-9 वज्र तोप भारतीय सेना को मजबूत करेगी। बिना सरहद पार किए ही वज्र तोप करीब 30 किलोमीटर के दायरे में दुश्मनों की कब्र बनाने की कुव्वत रखती है।

इस तोप की मारक क्षमता 28 से 30 किमी तक है।

- ये तोप 30 सेकंड में 3 गोले दाग सकती है।

3 मिनट में ये तोप 15 राउंड फायरिंग कर सकती है

60 मिनट में ये 60 राउंड फायरिंग करने में सक्षम है

ये बख्तरबंद तोप 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। बिजली की रफ्तार से पहुंचकर ये बख्तरबंद तोप दुश्मन के ठिकनों को नेस्तनाबूत करने की कुव्वत रखती है। मतलब, 2020 में हिंदुस्तान की ताकत इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि पाकिस्तान और चीन का वर्ल्डप्रेशर बढ़ना तय है।

 सेना को भ

 


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