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बल्ले को विजय का प्रतीक बनायें, हार और हताशा का उदाहरण नहीं- कमलनाथ

कमलनाथ ने कहा कि युवा जनप्रतिनिधियों दायित्व सदन में कानून बनाने का है। सड़कों पर कानून हाथ में लेने का अधिकारा नहीं है। उन्होंने कहा है कि युवा जनप्रतिनिधियों कोअपनी बात दृढ़ता और मुखरता से रखना चाहिए लेकिन मर्यादा को नहीं लांघना चाहिए। ध्यान रहे इंदौर में एक जर्जर भवन ढहाने की मुहिम के दौरान विवाद के बाद भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने बुधवार को नगर निगम के एक भवन निरीक्षक की कथित तौर पर क्रिकेट के बैट से पिटाई की थी। आकाश विजयवर्गीय, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं और पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।

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गौरव शर्मा, न्यूज 24 ब्यूरो, भोपाल (28 जून): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय का जिक्र किए बिना परोक्ष तौर पर युवा जनप्रतिनिधियों को कानून अपने हाथ में न लेने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि युवा जनप्रतिनिधियों को  बल्ले को मैदान में भारत की जीत का प्रतीक बनाना चाहिए। इसे  सड़कों पर प्रजातंत्र की हार और हताशा का उदाहरण नहीं बनाना चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि  युवा जनप्रतिनिधियों दायित्व  सदन में कानून बनाने का है। सड़कों पर कानून हाथ में लेने का अधिकारा नहीं है। उन्होंने कहा है कि युवा जनप्रतिनिधियों कोअपनी बात दृढ़ता और मुखरता से रखना चाहिए लेकिन मर्यादा को नहीं लांघना चाहिए।ध्यान रहे इंदौर में एक जर्जर भवन ढहाने की मुहिम के दौरान विवाद के बाद भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने बुधवार को  नगर निगम के एक भवन निरीक्षक की कथित तौर पर क्रिकेट के बैट से पिटाई की थी। आकाश विजयवर्गीय, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं और पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।कमलनाथ की ओर  से जारी बयान में कहा गया है कि  हिंदुस्तान की दो बड़ी खूबियां हैं--एक तो यह विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है और दूसरा विश्व में सर्वाधिक युवा देश। ऐसे में स्वाभाविक है कि चुने हुए युवा जन प्रतिनिधियों से देश को अपेक्षाएं भी अधिक होंगी, और हों भी क्यों न, हमारे पास अपने प्रजातंत्र की गौरवशाली विरासत जो है। भारतीय प्रजातंत्र का जो छायादार वटवृक्ष आज हमें दिखाई देता है, इसके त्याग और बलिदान का बीज बहुत गहरा बोया गया है और आज समूचे विश्व के लिए यह प्रेरणादायी है।उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा विधायक आकाश को नसीहत देते हुए कहा, ‘पंडित नेहरू कहते थे, ‘संस्कारवान युवा ही देश का भविष्य सँवारेगा।’ आज हमारे चुने हुए युवा जनप्रतिनिधियों को आत्ममंथन-आत्मचिंतन करना चाहिए कि वो किस रास्ते पर भारत के भविष्य को ले जाना चाहते हैं। एक रास्ता प्रजातंत्र की गौरवशाली विरासत की उम्मीदों को पूरा करने वाला है, और दूसरा उन्मादी। दोस्तों, उन्मादी व्यवहार सस्ता प्रचार तो दे सकता है, प्रजातंत्र को परिपक्वता नहीं दे सकता।’उन्होंने आगे कहा कि आज समूचे विश्व को हमारे बल्ले की चमक देखने को मिल रही है। हमारी क्रिकेट टीम लगातार जीत हासिल कर रही है और हमें पूरी उम्मीद है कि हम विश्व कप में अपना परचम लहराएंगे। मगर बल्ले की यह जीत बगैर मेहनत के हासिल नहीं की जा सकती।कमलनाथ ने अपने बयान में कहा है कि  ‘यह बात मैं सीमित और संकुचित दायरे में रह कर नहीं कह रहा हूं। मुख्यमंत्री होने के नाते मेरा दायित्व भी है कि मैं अपने नौजवान और होनहार साथियों के साथ विमर्श करता रहूं। युवा जनप्रतिनिधि साथियों, बल्ले को मैदान में भारत की जीत का प्रतीक बनाइए, सड़कों पर प्रजातंत्र की हार का नहीं।’

Images Courtesy:Google


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