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पाकिस्तान की हनी ट्रैप की जद में है इंडियन आर्मी, सतर्क रहने की हिदायत!

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी हैकर्स और आईएसआई की संदिग्ध गतिविधियों की इत्तला मिलने पर भारतीय सेना के शीर्ष कमाण्डर ने सभी सैनिक और सैन्य अफसरों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बढ़ाने या अनजान ग्रुप का मेंबर न बनने की सख्त हिदायत दी है। सेना मुख्यालय से जारी की गयी चेतावनी के मुताबिक सैनिकों या सैन्य अफसरों को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश भी की जा सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि किसी भी अंजान व्यक्ति से संपर्क स्थापित न किया जाए। अन्यथा किसी भी तरह की सूचना लीक होने पर संबंधित सैनिक या अफसर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

 

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 जुलाई): सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी हैकर्स और आईएसआई की संदिग्ध गतिविधियों की इत्तला मिलने पर भारतीय सेना के शीर्ष कमाण्डर ने सभी सैनिक और सैन्य अफसरों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बढ़ाने या अनजान ग्रुप का मेंबर न बनने की सख्त हिदायत दी है। सेना मुख्यालय से जारी की गयी चेतावनी के मुताबिक  सैनिकों या सैन्य अफसरों को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश भी की  जा सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि किसी भी अंजान व्यक्ति से संपर्क स्थापित न किया जाए। अन्यथा किसी भी तरह की सूचना लीक होने पर संबंधित सैनिक या अफसर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सैनिकों को ख़ासतौर पर ऐसे वॉट्सएप ग्रुप इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गयी है।

सेना मुख्यालय ने ये निर्देश सभी कोर शाखाओं, कमाण्ड मुख्यालयों को  जारी करते हुए कहा है कि किसी भी तरह के सोशल मीडिया पर सेना संबंधित जानकारी डालने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये क़दम हाल ही में हुई कई घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिसमें वॉट्सएप ग्रुप्स के ज़रिए सैनिकों से सेना के बारे में संवेदनशील जानकारी हासिल कर ली गई थीं।

पाकिस्तान में बैठी एजेंसियां भारतीय सेना के बारे में हर जानकारी एकत्र करने के लिए कोशिशें कर रही हैं। वॉट्सएप ग्रुप में शामिल किसी सैनिक या अधिकारी से जानकारियां एकत्र करना सबसे आसान है। ख़तरा उन वॉट्सएप ग्रुप्स में ज्यादा है, जिसमें सेना के अलावा दूसरे लोग भी शामिल हों। इसलिए केवल उन्हीं वॉट्सएप ग्रुप्स में रहना ज्यादा सुरक्षित है, जिसके हर सदस्य से आप व्यक्तिगत रूप से परिचित हों।"

सेना के एक अधिकारी ने कहा, सेना में पिछले दिनों सैनिकों या अधिकारियों के सोशल मीडिया के ज़रिए हनी ट्रैप करने और उनसे सेना की जानकारियां एकत्र करने की कई घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में सामान्य सैनिक से लेकर उच्च पद पर तैनात अधिकारी भी शामिल थे, जिन्हें फर्जी सोशल मीडिया एकाउंट्स के ज़रिए हनी ट्रैप किया गया। फ़िर ब्लैकमेल किया गया। ऐसे मामलों में कई बार सैनिकों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। लेकिन वॉट्सएप ग्रुप में शामिल किसी अनजान शख्स के ज़रिए किसी दूसरे सदस्य को जानकारियां हासिल करने के लिए इस्तेमाल करना बहुत आसान हो गया है, इसीलिए ज्यादा ख़तरनाक है।

Images Courtesy:Google


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