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नागरिकता के नाम पर शहर को जलाने की साजिश!

VHP के आह्वान पर सीएए के समर्थन में लोहरदगा में निकाले गए जुलूस पर हमला-पथराव के बाद पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है। अचानक हुए पथराव से अफरातफरी मच गई। इतना ही नहीं उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी भी की। लोहरदगा शहर के अलग-अलग इलाकों में कई वाहनों को फूंक दिया गया। घरों में घुसकर आग लगाई गई। एनआरसी और सीएए के समर्थन में निकाले गए जुलूस में अमला टोली के इलाके में ऐसे पत्थर बरसे जैसे आसमान से गोलियां दागी जा रही हो। पत्थरों की बरसात होते ही लोग बदहवास इधर-इधर भागने लगे।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी):   VHP के आह्वान पर सीएए के समर्थन में लोहरदगा में निकाले गए जुलूस पर हमला-पथराव के बाद पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है। अचानक हुए पथराव से अफरातफरी मच गई। इतना ही नहीं उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी भी की। लोहरदगा शहर के अलग-अलग इलाकों में कई वाहनों को फूंक दिया गया। घरों में घुसकर आग लगाई गई। एनआरसी और सीएए के समर्थन में निकाले गए जुलूस में अमला टोली के इलाके में ऐसे पत्थर बरसे जैसे आसमान से गोलियां दागी जा रही हो। पत्थरों की बरसात होते ही लोग बदहवास इधर-इधर भागने लगे। बहुत से लोग जख्मी हो गए। पेट्रोल बम बनाकर हमला करने का भी प्रयास किया गया। सड़कों पर बने मकानों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। जुलूस के साथ बज रहे साउंडबॉक्स और गाड़ियों को आग लगा दी गई।

दरअसल लोहदरगा में CAA और एनआरसी के समर्थन में बीजेपी के साथ लोग रैली निकाल रहे थे। एक तरफ समर्थन वाले थे तो दूसरी तरफ विरोध वाले और फिर देखते ही देखते कहासुनी पहले झड़प में तब्दील हुई। फिर आगजनी में दो दर्जन से ज्यादा जहगों पर आगजनी और तोड़फोड़ की गई। बंद दुकानों का ताला तोड़कर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया। बड़ा तालाब के आगे पत्थरबाजी शुरु की कर दी गई। दुकान और मकान के छत्त पर छुपकर बैठे लोगों ने जमकर पत्थरबाजी करने के बाद तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। मामले पर सियासत शुरु हुई तो बीजेपी नेता ने हंगामे पर राष्ट्रविरोधी का सर्टिफेट जारी कर दिया।

जिस इलाके में पहले घटना को अंजाम दिया गया वहा सुबह से ही कुछ लोग जमा होकर रैली को इस रास्ते से जाने का विरोध कर रहे थे। ललित नारायण स्टेडियम से निकलकर अपरबाजार होते हुए रैली को पावरगंज, कचहरी मोड़ होते हुए समाहरणालय मैदान में समाप्त होना था, लेकिन आधे रास्ते में ही रैली को तितर बितर कर दिया गया। पत्थरबाजी और आगजनी की वारदात को जिस तरह से अंजाम दिया गया उससे लगता है कि प्लानिंग पहले से थी, लेकिन पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की भनक तक नहीं लगी। सुबह से ही नगर क्षेत्र की सभी बंद दुकानें अनहोनी की ओर इशारा कर रही थी। सुरक्षा बल की कमी ने भी विवाद को बढ़ावा देने का काम किया। तीन दर्जन से ज्यादा रैली समर्थक चोटिल हुए, जिनका इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा हैं।

लोहरदगा शहर पूरी तरह से जलता रहा और प्रशासन मौके पर मूकदर्शक बना रहा। अब हालात को देखते हुए लोहरदगा में कर्फ्यू लगा दिया गया है। हिंसा में तीस लाख से ज्यादा की सम्पति को नुकसान का अनुमान है। नागरिकता कानून पर देश में दिल्ली से लेकर बात अब झारखंड तक जी पहुंची है, लेकिन न तो सरकार कानून पर पीछे हटने के मूड में है न विरोध कर रहे लोग।


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