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अदनान ने पद्मश्री मिलने पर आलोचना करने वालों को दिया ये जवाब

बॉलीवुड गायक अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर सियासी गलियारों में बवाल हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS से लेकर कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। हालांकि इस सबके बीच अदनान की तरफ एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पिता की गलतियों की सजा बेटे को नहीं दी जा सकती है, किसी कानून में यह नहीं लिखा।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(27 जनवरी):बॉलीवुड गायक अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर सियासी गलियारों में बवाल हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS से लेकर कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। हालांकि इस सबके बीच अदनान की तरफ एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पिता की गलतियों की सजा बेटे को नहीं दी जा सकती है, किसी कानून में यह नहीं लिखा।

कांग्रेसी नेता जयवीर शेरगिल को ट्वीटर पर टैग करते हुए अदनान सामी ने लिखा, '' पिता की गलतियों की सजा बेटे को नहीं दी जा सकती है, किसी कानून में यह नहीं लिखा, तुमने लॉ स्कूल में क्या सीखा है?

अदनान सामी को पद्मश्री मिलने के बाद कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने तंज कसते हुए कहा था कि अब ‘‘भाजपा सरकार की चमचागिरी’’ यह प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाने का नया मानदंड बन गया है। शेरगिल ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘भारतीय सेना के वीर सिपाही और भारत माता के पुत्र मोहम्मद सनाउल्लाह जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल की लड़ाई लड़ी, उनको एनआरसी के जरिए घुसपैठिया घोषित कर दिया गया। दूसरी तरफ, अदनान सामी को पद्म श्री से नवाज दिया गया जिनके पिता पाकिस्तानी वायुसेना में अफसर थे और जिन्होंने भारत के खिलाफ गोलाबारी की थी।’’

वहीं सामी को पद्म सम्मान दिए जाने की घोषणा पर सबसे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरकार से पूछा कि सराकर ने अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार देने में इतनी जल्दबाजी क्यों की ? MNS के सिनेमा विंग के प्रमुख अमय खोपकर ने ट्वीट कर कहा कि 'अदनान सामी मूल रूप से भारतीय नहीं हैं। एमएनएस का मानना है कि उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं दिया जाना चाहिए। हम उन्हें पद्मश्री दिए जाने के फैसले का विरोध करते हैं। हमारी मांग है कि उनसे ये सम्मान वापस लिया जाए।

MNS के बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीव करते हुए कहा कि 'अदनान सामी को नागरिकता की सिफारिश करने के लिए मेरी आलोचना की गई थी। मुझे खुशी है कि उन्हें नागरिकता मिली और पद्म श्री पुरस्कार भी। सामी को पद्म श्री देने के मुद्दे पर। सरकार पर हमलावर हुए दिग्विज सिंह यहां भी नहीं रुके, केन्द्र की सत्ता में काबिज बीजेपी सरकार पर हिंदू-मुस्लिम की राजनीति का आरोप लगाते हुए दिग्विजय ने आगे लिखा।

अगर सरकार एक पाकिस्तानी मुस्लिम को नागरिकता दे सकती है, तो नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लाने की क्या जरूरत है? इसे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा करने के लिए लागू किया गया है। सामी को पद्म सम्मान से नवाजे जाने पर सियासी गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जंग छिड़ गई है, जिसे चलते यूजर्स केन्द्र सरकार को जमकर ट्रोल भी कर रहे हैं ।

गौरतलब है कि अदनान सामी साल 2001 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। साल 2015 में भारत सरकार से मानवीय आधार पर उन्हें भारतीय नागरिकता देने की अपील की थी। उनकी अपील के बाद भारत सरकार ने तय मानकों के आधार पर उन्हें भारतीय नागरिकता दी थी। फिलहाल CAA को लेकर देशभर में विरोध की चिंगारी भड़क रही है, मुसलमान मोदी सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जता रहे हैं। देश में मुसलमानों की नागरिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं र ऐसे में बाहर देश से आए एक मुस्लिम कलाकर को देश के बड़े सम्मान से नवाजे जाने पर सियासत तेज हो गई है। अदनान के सम्मान पर उठा से सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा, फिलहाल कहना मुश्किल है।


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