News

नोटबंदी से पहले बीजेपी के अकाउंट जमा हुए में 3 करोड़, विपक्षी पार्टियों ने उठाए सवाल

नई दिल्ली ( 12 नवंबर ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के ऐलान के आठ दिन पहले, पश्चिम बंगाल भाजपा द्वारा एक राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किए गए 3 करोड़ रुपये को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। कुल तीन करोड़ रुपये में से 40 लाख रुपये तो पीएम की घोषणा से कुछ मिनट पहले ही जमा कराए गए थे। 

खबरों के मुताबिक इंडिया बैंक की सेंट्रल एवेन्यू शाखा ने बीजेपी द्वारा चार अलग-अलग शाखाओं में पैसे जमा कराए जाने की पुष्टि की है। सीपीएम के मुखपत्र 'गणशक्ति' में शुक्रवार को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ने 8 नवंबर को 60 लाख रुपये जमा करवाए और फिर 40 लाख रुपये। यह सारा पैसा 500 और 1000 के नोट की गड्डियों में था। पहला डिपॉजिट भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल के सेविंग्स अकाउंट (554510034) में दोपहर के वक्त किया गया, जबकि दूसरा डिपॉजिट शाम 8 बजे किया गया। हालांकि, यह साफ नहीं है कि आखिर बैंक 8 बजे तक कैसे खुला था।

इसी रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि भारतीय जनता पार्टी के ही एक दूसरे अकाउंट में 1 नवंबर को 75 लाख रुपये और 5 नवंबर को 1.25 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। सीपीएम के प्रदेश सचिव सुर्जया कांत मिश्रा ने कहा, 'यह संभव है कि बीजेपी के लोगों को नोट बैन के बारे में पहले से पता था, तभी उन्होंने पूरे देश में बड़ी राशि बैंकों में जमा करवा कर अपना काला धन सफेद कर लिया।'

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने किसी भी गड़बड़ी को नकारते हुए कहा, 'आम तौर पर पार्टी की फंडिग डोनेशन के जरिए होती है जो कैश में भी दिया जाता है। कैश के बदले में हम रसीद देते हैं। इन रसीदों की कॉपी पार्टी दफ्तर में सत्यापन के लिए मौजूद है।' प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने कहा, 'दूसरी पार्टियों की तरह बीजेपी अपने फंड्स का स्रोत नहीं छिपाती, हम आम तौर पर सभी लेन देन चेक के जरिए करते हैं। 

सरकार ने 'लीक' की जानकारी: कांग्रेस कांग्रेस ने शुक्रवार को मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने 1000-500 रुपये के नोट बैन करने की जानकारी 'चुनिंदा तरीके से लीक' की थी। कांग्रेस ने मांग की है कि ऐसे लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं जिन्हें इससे फायदा मिला। पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र को उन लोगों की लिस्ट जारी करनी चाहिए जिन्होंने 20 अक्टूबर से 8 नवंबर के बीच पांच लाख रुपये से ज्यादा की ज्वैलरी, विदेशी मुद्रा और शेयर खरीदे। उन्होंने 8 नवंबर के पहले अखबारों में छपी कई रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि बैन की खबर, आधिकारिक घोषणा से पहले ही आम लोगों के बीच आ चुकी थी। उन्होंने कहा कि बैन के चलते 'आर्थिक अव्यवस्था' पैदा हो गई है, लोगों को बैंक में लंबी-लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है और एटीएम में पैसा मौजूद ना होने से लोग बहुत परेशान हैं।

 


Related Story

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram , Google समाचार.

Tags :

Top