बनारस से प्रियंका गांधी तो क्या मोदी पश्चिम बंगाल से भी चुनाव लड़ेंगे!

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 अप्रैल):  इस बार के लोकसभा चुनावों में जो देखने और सुनने को मिल रहा है वैसा अब तक कभी सुनने या देखने को नहीं मिला। विपक्ष कह रहा है कि मोदी जीत कर दोबारा प्रधानमंत्री बने तो फिर कभी चुनाव नहीं होंगे तो मोदी कह रहे हैं कि वहीं मोदी कह रहे हैं कि पहली बार विपक्षी राजनीति के सांप-नेवले एक साथ आये हैं। इसी बीच एक आवाज यह भी नरेंद्र मोदी बनारस के साथ-साथ पश्चिम बंगाल से भी चुनाव लड़ सकते हैं तो वहीं कांग्रेस में हाल ही में शामिल हुई प्रियंका गांधी वाड्रा को बनारस से चुनाव लड़ाये जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। बनारस, रायबरेली और अमेठी में चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी ने स्वंय भी कहा है कि पार्टी जहां से चाहेगी वो चुनाव लड़ने को तैयार हैं। प्रियंका ने तो स्वंय भी मतदाताओं से पूछा कि अगर बनारस से चुनाव लड़ें तो कैसा रहेगा। इस पर भीड़ ने तालियां बजाकर और नारे लगाकर अपनी सहमति की मुहर लगा दी है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इशारा किया है कि प्रियंका गांधी बनारस से चुनाव लड़ सकती हैं। अगर प्रियंका बनारस से चुनाव मैदान में उतर जाती हैं तो बनारस का चुनाव काफी रोचक हो जायेगा। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बनारस से दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। अभी तक विपक्ष की ओर से कोई भी ऐसा प्रत्याशी मैदान में नहीं है जो उन्हें चुनौती पेश कर सके। प्रियंका गांधी के आने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि खुद मोदी के लिए बनारस से जीतना चुनौती पूर्ण हो जायेगा। इसके अलावा जैसे ही राहुल गांधी ने अमेठी के अलावा केरल के वायनाड से पर्चा भरा है तभी से प्रधानमंत्री के बारे में यह चर्चा है कि संघ और पार्टी का एक बड़ा तबका उन्हें पश्चिम बंगाल से चुनाव मैदान में उतारने का इच्छुक है। 

पार्टी के इस तबके का कहना है कि अगर मोदी पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ेंगे तो यहां के मतदाताओं में उत्साह और ज्यादा हो जायेगा और बीजेपी पश्चिम बंगाल में उम्मीद से ज्यादा सीटें जीत सकती हैं। मोदी को चुनाव कौन सी सीट से लड़ाया जाये, यह तय करने की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय को दी गयी है। 

कहा तो यह जा रहा है कि मोदी जिस सीट से भी खड़े हो जायेंगे वहां से जीत जायेंगे लेकिन पार्टी चाहती है कि अगर मोदी पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ें तो उनकी जीत का अंतर ही ऐतिहासिक रहना चाहिए। फिल्हाल, प्रियंका के बनारस से चुनाव लड़ने और मोदी के बंगाल जाने के बारे में अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।