मध्यप्रदेश में जातिगत स्कूल रिजल्ट पर विवाद, सवालों के घेरे में शिवराज सरकार

भोपाल (23 मई): मध्यप्रदेश बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन यानी MPBSE को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का जाति के आधार पर रिजल्ट वर्गीकृत करना भारी पड़ता दिख रहा है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष शिवराज सरकार पर आक्रमक नजर आ रहा है और इसपर सियासत भी तेज हो गई है। 

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि बीजेपी प्रदेश को जातिगत आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है। धार में एससी एसटी गुदवाने के बाद अब हाईस्‍कूल के परिणामों को जातिगत आधार पर घोषित करना बीजेपी की निम्‍नस्‍तरीय सोच को दर्शाता है। वहीं अभिभावकों और बच्‍चों में भी इसको लेकर नाराजगी है।आपको बता दें कि मध्‍य प्रदेश ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ने इस बार परिणाम को जातिगत आधार पर निकाला है। इस परिणाम को चार वर्गों ओबीसी, एससी, एसटी और जनरल वर्ग में बांटा गया है। हालांकि एमपीबीएसई ने स्‍पष्‍टीकरण देते हुए कहा है कि इस तरह का परिणाम निकालने का मकसद छात्रों को मिलने वाले लाभ को देना था। उन्‍होंने कहा कि इससे छात्रों को आसानी से योजनाओं का लाभ मिलता है और कोई छात्र योजना का लाभ लेने से वंचित नहीं रहता।