केरल में NiPah वायरस का कहर, जानें- क्या है 'निपाह' और कैसे करें बचाव

नई दिल्ली (22 मई):  केरल में 'निपाह' वायरस तेजी से फैल रहा है और लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। इस वायरस की चपेट में आने से अबतक 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग इससे पीड़ित बता जा रहे हैं जिनका इलाज चल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक निपाह वायरस चमगादड़ से फलों में और फलों से इंसानों और जानवरों में फैलता है। 1998 में पहली बार मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह में इसके मामले सामने आए थे। इस वजह से इसका नाम निपाह वायरस दिया गया। 2004 में यह निपाह वायरस का मामला बांग्लादेश में भी सामने आया था।लक्षण- इस वायरस से प्रभावित लोगों को सांस लेने की दिक्कत होती है फिर दिमाग में जलन महसूस होती है। वक्त पर इलाज नहीं मिलने पर मौत भी सकती है। इंसानों में निपाह वायरस एन्सेफलाइटिस से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है। बुखार, सिरदर्द, चक्‍कर आना शुरुआती लक्षणों में पाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मामलों में 24-28 घंटे के अंदर लक्षण बढ़ने पर मरीज कोमा में भी चला जाता है।बचाव- अब तक इस वायरस से जुड़ी कोई वैक्सीन नहीं आई है। इस वायरस से बचने के लिए फलों, खासकर खजूर खाने से बचना चाहिए। पेड़ से गिरे फलों को नहीं खाना चाहिए। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। इसे रोकने के लिये संक्रमित रोगी से दूरी बनाए रखने की जरूरत होती है। मरीज का देखभाल वायरस से ठीक करने का एकमात्र तरीका है। संक्रमित जानवर खासकर सुअर को हमेशा अपने से दूर रखें।