अब कर्नाटक में सत्ता की चाभी गुजरात से ताल्लुक रखने वाले राज्यपाल वजुभाई वाला के पास

बेंगलुरू (15 मई): कर्नाटक की जनता ने तो अपना जनदेश दे दिया है। राज्य में त्रिशंकू विधानसभा के आसार बन रहे हैं। बीजेपी सबसे ज्यादा सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभरी है लेकिन सत्ता पर काबिज होने से महज कुछ सीटें पीछे रह गई है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस साझा रूप से बहुमत के आकड़े को पार करती दिख रही है। इन सबके बीच बिना वक्त गवाएं कांग्रेस ने जेडीएस को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के इस ऐलान के बाद जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने के लिए वक्त मांगा है।ऐसे में अब सबकी नजरें राज्य के राज्यपाल वजुभाई वाला पर जा टिकी हैं। स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में राज्यपाल की अहम भूमिका हो गई है। देखना दिलचस्प होगा कि वह सरकार बनाने का मौका किसे देते हैं। वजुभाई भारतीय जनता पार्टी के नेता रह चुके हैं। गुजरात सरकार में वह 1997 से 2012 तक कैबिनेट मंत्री तक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बीजेपी सरकार में उन्हें गुजरात का वित्त मंत्री भी बनाया गया था। वाजुभाई राजकोट पश्चिमी से विधायक चुने जाते थे। वो 2012 से 2014 तक गुजरात विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं। केंद्र मोदी सरकार के बनने के बाद उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया था। उन्होंने नरेंद्र मोदी के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी।आपको बात दें कि त्रिशंकु की परिस्थिति में राज्यपाल की भूमिका अहम हो जाती है। हाल ही में गोवा और मणिपुर में इसकी बानगी देखने को मिली थी, जब सबसे बड़ी पार्टी रहते हुए भी कांग्रेस सत्ता से दूर रही थी और बीजेपी को सरकार बनाने का मौका मिला था।