2019 चुनाव से पहले का क्वार्टर फाइनल कर्नाटक चुनाव, जानें क्या होगा नतीजों का असर

नई दिल्ली(15 मई): कर्नाटक चुनाव के नतीजे का पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए बहुत मायने माना जा रहा है। इस नतीजे से 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ ही तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।कर्नाटक चुनाव को 2019 के आम चुनाव का क्वार्टर फाइनल माना जा रहा है। यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में लगा दी। अब इस चुनाव के नतीजे पीएम मोदी के लिए बेहद अहम होंगे।बीजेपी अगर जीती तो 2019 को लेकर मोदी की दावेदारी मजबूत होगी। मोदी के खिलाफ विपक्षी मुहिम को तगड़ा झटका लगेगा। मोदी का कांग्रेस मुक्त भारत का दावा और मजबूत होगा। बीजेपी का हिंदुत्व का एजेंडा कामयाब माना जाएगा। दक्षिण भारत में बीजेपी की ताकत और बढ़ेगी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान चुनाव को लेकर उस पर दबाव कम रहेगा। लेकिन अगर बीजेपी को कामयाबी नहीं मिलती है तो जाहिर है मोदी लहर पर सवाल उठेंगे। हार को जनता के मोदी से मोहभंग का संकेत माना जाएगा। हार के लिए मोदी सरकार के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने का दावा कमजोर पड़ेगा। सियासी तौर पर मोदी का कद घटेगा।मोदी की तरह कर्नाटक चुनाव के नतीजे राहुल गांधी के लिए भी बेहद अहम होंगे। अगर कांग्रेस जीतती है तो राहुल के आक्रामक प्रचार अभियान को कामयाब माना जाएगा। मोदी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की मुहिम और मजबूत होगी। लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की चुनावी रणनीति को धार मिलेगी। राष्ट्रीय राजनीति में राहुल का कद ऊंचा होगा। 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम पद को लेकर उनकी दावेदारी मजबूत होगी। लेकिन कांग्रेस कर्नाटक का अपना किला नहीं बचा पाई तो राहुल के लिए ये बड़ा झटका साबित हो सकता है। कांग्रेस की हार से मोदी को कांग्रेस की तरफ से मिलने वाली चुनौती कमजोर पड़ेगी। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव को लेकर पार्टी पर दबाव बढ़ जाएगा। राहुल की नरम हिंदुत्व की रणनीति पर सवाल खड़े होंगे। राहुल पर नाकामयाबी का ठप्पा लग सकता है। राष्ट्रीय राजनीति में राहुल का कद कमजोर होगा।कर्नाटक चुनाव के नतीजे का 2019 पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। मसलन नतीजे को आम चुनाव का रुझान माना जाएगा। 2019 के लिए विपक्ष की एकजुटता की मुहिम पर भी इसका असर होगा। बीजेपी जीती तो मोदी लहर पर मुहर माना जाएगा और कांग्रेस जीती तो राहुल गांधी का अंदाज और आक्रामक हो सकता है। चुनावी नतीजे से गरम और नरम हिंदुत्व पर बहस तेज होगी। बीजेपी और कांग्रेस के सहयोगी दलों की तादाद घट-बढ़ सकती है। कुल मिलाकर कर्नाटक चुनाव के नतीजे 2019 के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।