येदियुरप्‍पा कल लेंगे CM पद की शपथ, कांग्रेस रात में ही पहुंची सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (16 मई): कर्नाटक में नई सरकार के गठन के लेकर जारी सियासी ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने जहां बीएस येदियुरप्पा को नई सरकार के गठन का न्योता दिया है। वहीं कांग्रेस ने राज्य के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दे दी है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्य में नई सरकार के शपथ ग्रहण पर रोक की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट से रजिस्ट्रार के आप अर्जी देकर मामले की आज रात में ही सुनवाई की मांग की है। थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टीस दीपक मिश्रा इस पर सुनवाई कर सकते हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की 3 जजों की बेंच से सुनवाई की मांग की है।आपको बता दें कि  बुधवार की शाम राज्‍यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता भेज दिया। अब येदियुरप्‍पा गुरुवार सुबह 9 बजे CM पद की शपथ लेंगे। येदियुरप्‍पा को 15 दिन में बहुमत साबित करना होगा। कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 112 सीटों की आवश्यकता है। लेकिन बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली है। सबसे बड़ा दल होने के नाते बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। वहीं कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देते हुए बहुमत का दावा किया है। कांग्रेस जेडीएस के कुमारस्वामी को सीएम बनाने पर सहमत है और आज (बुधवार) कुमारस्वामी ने जेडीएस और कांग्रेस विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी।इससे पहले कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम अमित शाह जी से जानना चाहते हैं कि अगर दो दल चुनाव के बाद गठबंधन के लिए साथ नहीं आ सकते तो आपने गोवा और मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी को किनारे कर कैसे सरकार बना ली? सुरजेवाल ने कहा कि कि राज्यपाल ने अपने पद को शर्मसार किया है। वहीं जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कहा है, 'हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे, हम इसका सामना करेंगे। मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर रही है।' वहीं कुमारस्वामी ने कहा, 'गवर्नर द्वारा बीजेपी के 15 दिन का समय दिए जाने का मतलब विधायकों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देने जैसा है। यह असंवैधानिक है. हम अपने अगले कदम के बारे में चर्चा करेंगे। '