बीजेपी का विधायकों को 100 करोड़ में खरीदने का सच ?

अमित कुमार/रमन कुमार नई दिल्ली (17 मई): कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सरकार बनाने को लेकर रस्साकशी काफ़ी तेज़ हो गई है। हर पार्टी जोड़तोड़ में लगी हुई है, लेकिन इसी बीच जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी कुमारस्वामी ने एक हैरान करने वाला दावा किया है। इस दावे के मुताबिक बीजेपी ने उनके विधायकों को खरीदने के लिए 100 करोड़ रुपए की पेशकश की है।दावा किया जा रहा है कि बीजेपी ने जनता दल सेक्युलर के विधायकों को खरीदने के लिए 100 करोड़ रुपए का ऑफर दिया है। कुमारस्वामी के मुताबिक विधायकों को बीजेपी का समर्थन देने के लिए लालच दिया गया। विधायकों से बीजेपी में शामिल होने पर कैबिनेट में जगह देने को कहा गया। कुमारस्वामी के दावों पर यकीन करें तो बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए सभी दांव चल रही है, चाहें फिर वो सहीं हो या गलत।

इसी बीच न्यूज़ 24 को ऐसी ख़बर मिली है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस-JDS के विधायक खुद बीजेपी को फोन कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ज़्यादातर कांग्रेस-JDS के विधायक कुमारस्वामी से नाराज़ हैं और उन्हें सीएम बनते नहीं देखना चाहते। कांग्रेस-JDS के कई विधायक ऐसे हैं जो येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार हैं। आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आख़िर कर्नाटक के अंदर सरकार बनाने को लेकर आख़िर किस तरह षडयंत्र हो रहा है। किस तरह एक-दूसरे की पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

न्यूज़ 24 के हाथ कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़ी चौंकाने वाली ख़बर लगी है। कर्नाटक में बीजेपी के विधायक ईश्वरप्पा ने न्यूज़ 24 से फोन पर बातचीत के दौरान बड़ी बात कही। उन्होंने एक कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक को तोड़ने का दावा किया है। बीजेपी नेता के मुताबिक दोनों विधायक बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही बीजेपी विधायक ने सरकार बनाने के लिए एक मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है। इस मास्टर प्लान के मुताबिक हर दिन वो कांग्रेस और जेडीएस के 2 विधायक तोडेंगे। इस तरह 7 दिन के अंदर वो 14 विधायक तोड़ लेंगे इस तरह बीजेपी की कर्नाटक में आसानी से सरकार बन जाएगी।बीजेपी विधायक ईश्वरप्पा के मुताबिक कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह बीजेपी खेमे में शामिल होने के लिए तैयार हैं। वहीं निर्दलीय विधायक शंकर भी बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार हो गए हैं। आपको बता दें कि चुनाव नतीजों के ऐलान के दिन ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी शिवकुमार निर्दलीय विधायकों से मिलने पहुंचे थे और दावा किया था कि दोनों ही विधायक कांग्रेस के साथ हैं। लेकिन अब बीजेपी ने दावा कर दिया है कि निर्दलीय विधायक शंकर बीजेपी में आने के लिए तैयार हैं।वहीं ऐसी भी ख़बरें वायरल हुई जिसके मुताबिक जनता दल (सेक्युलर) की बैठक में दो विधायक नहीं पहुंचे तो राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई। हालांकि, बाद में एक विधायक ने सामने आकर बैठक में जाने की बात कही। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की बैठक में भी 12 विधायक नहीं पहुंचे। हालांकि दोनों पक्ष बहुमत होने का दावा करते हुए किसी भी प्रकार की फूट से साफ इनकार कर रहे हैं। बैंगलोर के एक होटल में जेडीएस की मीटिंग हुई। बैठक शुरू होते ही खबरें आने लगीं कि पार्टी के दो विधायक राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नाडगौड़ा पहुंचे ही नहीं। बाद में एक विधायक ने दावा किया कि वो बैठक में हिस्सा लेने के लिए बैंगलोर जा रहा है।रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के विधायकों के गायब होने की भी खबर थी, जिसका पार्टी नेताओं ने खंडन किया। पार्टी नेता ने दावा तक कर दिया कि कांग्रेस बीजेपी के 6 विधायकों के संपर्क में है। जबकि न्यूज़ 24 से बातचीत में बीजेपी विधायक ईश्वरप्पा ने खुद बीजेपी के 2 विधायकों को तोड़ लेने की बात की है यानी ये ज़रूर है कि हर पार्टी एक-दूसरे के विधायकों के संपर्क में होने और उन्हें तोड़ने का दावा कर रही है।ऐसे में सवाल उठता हैआख़िर 100 करोड़ की पेशकश की ख़बर की क्या सच्चाई है ?क्या बीजेपी ने वाकई करोड़ों रुपए और मंत्रिमंडल में जगह देने की पेशकश की ?क्या कांग्रेस और JDS के विधायक खुद बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार हैं ?क्या बीजेपी ने कांग्रेस और JDS के एक-एक विधायक को तोड़ लिया है ?यानी एक तरफ़ जहां कुमारस्वामी 100 करोड़ रुपए की पेशकश देने का आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। वहीं बीजेपी की तरफ़ से इसे सिरे से खारिज किया जा रहा है। ये ज़रूर साफ़ है कि कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए हर पार्टी ऐड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही है। ऐसे में सरकार बनाने को लेकर 100 करोड़ की पेशकश देने की पड़ताल अधूरी साबित हुई।