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अब ट्रांसजेंडर को इन बड़ी कंपनियों में मिलेगी नौकरी

भारत में ट्रांजजेंडर कम्युनिटी को अब पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को रोजगार देने के लिए भी कोशिश की जाएगी। इसके लिए KPMG, इन्फोसिस, ऐक्सेंचर, नेस्टअवे और सोडेक्सो जैसी कंपनियों ने फॉर्मल वर्कप्लेस में इनकी एंट्री को आसान बनाने के लिए पॉलिसी और हायरिंग प्लान पूरी तरह से तैयार किए है। कंपनियों को खासतौर पर ट्रांसजेंडर टैलंट मुहैया कराने वाली पेरिफेरी जैसी स्टार्टअप्स भी इस कम्युनिटी के लिए रोजगार के मौके बनाने में मदद कर रही हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 जनवरी):  भारत में ट्रांजजेंडर कम्युनिटी को अब पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। ट्रांसजेंडर कम्युनिटी  को रोजगार देने के लिए भी कोशिश की जाएगी। इसके लिए KPMG, इन्फोसिस, ऐक्सेंचर, नेस्टअवे और सोडेक्सो जैसी कंपनियों ने फॉर्मल वर्कप्लेस में इनकी एंट्री को आसान बनाने के लिए पॉलिसी और हायरिंग प्लान पूरी तरह से तैयार किए है। कंपनियों को खासतौर पर ट्रांसजेंडर टैलंट मुहैया कराने वाली पेरिफेरी जैसी स्टार्टअप्स भी इस कम्युनिटी के लिए रोजगार के मौके बनाने में मदद कर रही हैं। मतलब साफ है पहले के मुताबिक अब इस कम्यूनिटी पर भी पूरा धाय्ना दिया जाएगा। 

पेरिफेरी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर की जानकारी के मुताबिक देश में लगभग एक करोड़ ट्रांसजेंडर है और जिनमें पांच लाख के पास पक्का काम है। इस कम्युनिटी में शिक्षा की कमी देखने के लिए मिलती है, रिहाइश में भेदभाव और समाज में बनी गलत धारणाओं जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी इसमें कई लोगों को रोजगार दिया गया बता दे कि 20017 में शुरू हुई पेरिफेरी ने अब तक 125 लोगों की हायरिंग करवाी है। ऑफिसर के हिसाब से इनमें कई लोग काफी टैलेंटेंड लोग है। उन्हें बस सही ट्रेनिंग देने की जरूरत है। ऐमजॉन, थॉटवर्क्स और ANZ जैसी कंपनियां पेरिफेरी की क्लाइंट हैं। स्टार्टअप ने इन कंपनियों में हाउसकीपिंग से लेकर प्रोग्रामिंग और यहां तक कि असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट के पद पर हायरिंग कराई है। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऐक्ट) 2019 के जरिए इस कम्युनिटी के लोगों को अपने परिवार के साथ रहने का अधिकार मिला है। इनके लिए शिक्षा के दरवाजे भी खुल गए हैं, जिसकी इस कम्युनिटी के लिए बड़ी बाधा रही है।

 मैनेजिंग डायरेक्टर का कहना है कि ट्रांसजेंडर को नौकरी देने में स्किल की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। जिससे निपटने के लिए कंपनी ने छह महीने का इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है। ताकि ट्रांसजेंडर कैंडिडेट्स अपना स्किल्ड टैलंट पूल तैयार कर ले। लोगों को किराए का मकान दिलाने वाले ऑनलाइन प्लैटफॉर्म नेस्टअवे ने हाल ही में पांच ट्रांसजेंडर एम्प्लॉयी हायर किए हैं। नेस्टअवे के चीफ बिजनस ऑफिसर इस्माइल खान कहते हैं कि यह उनकी कंपनी के मकसद, 'ऐसा घर जहां कोई भेदभाव न हो', से मेल खाता है।


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