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खतरनाक खुलासाः पाकिस्तान ने आतंकियों के हाथों में सौंप दी ये घातक टेकनोलॉजी

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बेहद खतरनाक और चौंकानेवाली खबर है। पाकिस्तान अब आतंकियों को कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर को उपयोग करने की ट्रेनिंग देकर भेज रहा है। अभी तक विभिन्न देशों में यह ट्रेनिंग सिर्फ स्पेशल फोर्स के कमाण्डोज को ही दी जाती थी। पाकिस्तान के इस खतरनाक कदम से भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर चिंता की लकीरें और गहरी कर दी हैं

न्यूज 24, नई दिल्ली (24 मार्च): भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बेहद खतरनाक और चौंकानेवाली खबर है। पाकिस्तान अब आतंकियों को कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर को उपयोग करने की ट्रेनिंग देकर भेज रहा है। अभी तक विभिन्न देशों में यह ट्रेनिंग सिर्फ स्पेशल फोर्स के कमाण्डोज को ही दी जाती थी। पाकिस्तान के इस खतरनाक कदम से भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर चिंता की लकीरें और गहरी कर दी हैं। 

पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए की टीम को ऐसे सुबूत मिले हैं जिनसे पता चला है कि आतंकी और पाकिस्तान में बैठे उसके आका वर्चुअल सिम टेक्नोलॉजी के माध्यम से एक दूसरे के संपर्क में थे। दरअसल, इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रही बात-चीत को इंटरसेप्ट करना नामुमकिन है। एनआईए की टीम को पता चला है कि पुलवामा हमले के दौरान सभी आतंकी 'वर्चुअल सिम' के जरिए एक दूसरे के संपर्क में थे और उन्हें एक दूसरे के बारे में पल-पल की खबर मिल रही थी। कहा जा रहा है कि पब्लिक डोमेन में वर्चुअल सिम सर्विस अमेरिका की एक कंपनी दे रही है। वर्चुअल सिमों का प्रयोग पुलवामा हमले के लिए जिम्मेदार जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर और कश्मीर तथा पाकिस्तान के उसके हैंडलर कर रहे थे।आतंकवादी हमले वाली जगह की जांच, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की त्राल के अलावा अन्य मुठभेड़ स्थानों पर की गई तलाश के सिरों को जोड़ते हुए पाया गया कि हमलावर आदिल दार सीमा पार जैश के साथ लगातार संपर्क में था।

वर्चुअल सिम टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर एक टेलीफोन नंबर जनरेट करता है और उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन पर एक ऐप्लिकेशन को डाउनलोड करते हैं। ये नंबर व्हाट्सऐप, फेसबुक, टेलीग्राम या ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट से जोड़ा जाता है। इन नेटवर्किंग साइट के जरिए जनरेट किया गया वेरिफिकेशन कोड स्मार्टफोन पर आता है। इसके बाद उपयोगकर्ता इसके प्रयोग के लिए तैयार हो जाता है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने अमेरिका से वर्चुअल सिम उपयोग करने वालों की जानकारी मांगी है। इस जानकारी के मिलते ही पाकिस्तान के खिलाफ एक और पक्का सुबूत भारत की मुट्ठी में होगा।(Photo Courtesy: Google)

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