'ना'-पाक पड़ोसी- हिंदुस्तानी माल पर मेड इन पाकिस्तान का ठप्पा...!

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 मार्च): पाकिस्तान की आर्मी और आईएसआई एक ओर भारत में आतंकी भेजकर हमले करवाती है तो दूसरी ओर पाकिस्तानी तिजारती हिंदुस्तानी सामान पर मेड इन पाकिस्तान का ठप्पा लगा कर उसे अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया के देशों में भेज रहे हैं। यह खुलासा भी पाकिस्तान के कस्टम अफसरों ने किया है। पैसे-पैसे को मोहताज पाकिस्तान के उद्योग धंधे ठप हो गये हैं। पाकिस्तान का विदेशी व्यापार और विदेशी मुद्रा भण्डार खत्म हो चुका है। यही कारण है कि पाकिस्तान में काले धंधे और क्राइम भी आसमान छू रहा है। 

एक जानकारी के मुताबिक नंबर एक में  पाकिस्तान का निर्यात मात्र दो बिलियन डॉलर का है। इस समय चीन और सऊदी अरब पर पूरी तरह निर्भर पाकिस्तान को नये प्रधानमंत्री इमरान खान भी आत्म निर्भर नहीं बना पा रहे हैं। इसका कारण यह कि पाकिस्तान की आतंकपरक नीति ने देश को गड्ढे में धकेल दिया है। 

भारत से सांप्रदायिक पहचान के साथ भारत  से अलग होने के साथ ही पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है। पहले कश्मीर पर कब्जा करने की कोशिश की फिर भारत के साथ चार-चार युद्धों में उलझा। सीधे युद्ध में जीत की कोई संभावना न बचने पर पाकिस्तान ने छद्म युद्ध का सहारा लिया और भारत में आतंकी हमले शुरु कर दिये। भारत की तरह अफगानिस्तान के साथ भी पाकिस्तान का रवैया आतंकपूर्ण रहा। बलोचिस्तान की तरह अफगानिस्तान पर कब्जे के लिए पाकिस्तान के हुक्मरानों ने साम-दाम दण्ड भेद सभी नीति अपनायीं लेकिन अपनी जनता की तरक्की के लिए कुछ नहीं सोचा। 

शिया बहुल ईरान को भी अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों का सहारा लेता रहता है। आंतकपरस्त नीतियों के कारण पाकिस्तान का आर्थिक-सामाजिक-व्यावसायिक और नैतिक विकास ठप्प हो गया। हाल ही में 14 फरवरी को पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले से चौबीस घण्टे पहले ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की टुकड़ी पर पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया था। अफगानिस्तान में भारतीय और अमेरिकी मिशन को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान अक्सर हमले करवाता रहता है। अफगानिस्तान के आतंकी गिरोह पाकिस्तान में खुले आम घूमते हैं। बहरहाल, इन्हीं हालातों के चलते पाकिस्तान के उद्योग-धंधे खत्म हो गये और लोग भारत से सामान मंगाकर उस पर मेडइन पाकिस्तान का ठप्पा लगा कर अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया के बाकी देशों को निर्यात कर रहे हैं।

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