सेना में भर्ती के लिए युवाओं की कतार, कहा- यह देश सेवा का मौका और क्या चाहिए ?

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न्यूज 24 ब्यूरो, आसिफ सुहाफ, श्रीनगर (19 फरवरी): 
पिछले पांच दिन में हुईं तीन आंतकवादी वारदातों में भारत के 45 जवान शहीद हुए हैं। यह सभी वारदातें जम्मू-कश्मीर में हुईं। इसके बाद लोगों में काफी गुस्सा है। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आंतकियों ने फिदायीन हमला किया था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। दो दिन बाद 16 फरवरी को मेजर चित्रेश बिष्ट आईईडी डिफ्यूज करते वक्त शहीद हो गए। 18 फरवरी को आंतकियों से हुई मुठभेड़ में मेजर समेत चार जवान शहीद हो गए। जैश के दो आतंकी मारे गए थे। इनमें एक पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान भी शामिल था।

इसके बावजूद भी जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सेना में भर्ती होने के लिए युवाओं की लंबी कतार लग गई। 111 पदों के लिए हो रही इस भर्ती मे हिस्सा लेने हज़ारों युवा पहुंचे। एक तरफ पाकिस्तान से कश्मीर घाटी मे वुसपेठ करके आए पाकिस्तानी आतंकी अवंतीपोरा जैसे आतंकी हमले कर कश्मीर घाटी में अमन व शांति बिगाड़ना चाहते है। स्थानीय युवाओं का ब्रेन वॉश कर उन्हें आत्मघाती हमलावर बनाने की बड़ी साजिश कर रहे है तो वहीं दूसरी तरफ घाटी में सेना की भर्ती के दौरान हज़ारों की तादाद में युवा सामने आकर सेना में शामिल होना चाहते है ताकि वह पाकिस्तान से आए आतंकियों का खात्मा करके उन्हें सबक सिखा सके।

उत्तरी कश्मीर के बारामुल्ला मे सेना की बरती में हिस्सा लेने पहुंचे बिलाल अहमद ने कहा, ''हमें परिवार और देश की सेवा का मौका मिलेगा, कोई और क्या चाह सकता है ?

पांच दिन में 45 जवान शहीद:

पिछले पांच दिन में हुईं तीन आंतकवादी वारदातों में भारत के 45 जवान शहीद हुए हैं। यह सभी वारदातें जम्मू-कश्मीर में हुईं। इसके बाद लोगों में काफी गुस्सा है। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आंतकियों ने फिदायीन हमला किया था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। दो दिन बाद 16 फरवरी को मेजर चित्रेश बिष्ट आईईडी डिफ्यूज करते वक्त शहीद हो गए। 18 फरवरी को आंतकियों से हुई मुठभेड़ में मेजर समेत चार जवान शहीद हो गए। जैश के दो आतंकी मारे गए थे। इनमें एक पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान भी शामिल था।