भारतीय वायु सेना को मिला दुनिया का सबसे शक्तिशाली चॉपर, बढ़ेगी ताकत

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 फरवरी): भारतीय वायु सेना की ताकत में चार चिकून चॉपर शामिल हो गए हैं। अमेरीकी विमान निर्माण कंपनी बोइंग द्वारा निर्मित चिकून भारत आ गया है। भारत ने अमेरिकन कंपनी बोइंग से 15 हैवी चिकून हैलिकॉप्टर लेने का करार किया था जिसकी पहली खेप में कल चार हैलिकॉप्टर भारत पहुंच गए हैं । ये हेलिकॉप्टर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर उतारे गए। कंपनी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि सीएच47एफ(1) चिनूक हेलिकॉप्टरों को चंडीगढ़ ले जाया जाएगा, जहां साल के आखिर तक उन्हें औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल कर लिया जाएगा।

चिनूक हैलिकॉप्टर दुनिया का सबसे मजबूत हैलिकॉप्टर माना जाता है। यह काफी ऊंचाई पर उड़ सकता है। चिकून को भारी सामान ले जाने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके जरिए सैनिकों के लिए हथियार, ईंधन, खाने पीने का सामान ले जाया जा सकता है। चिकून के शामिल होने से भारतीय वायु सेना की ताकत में इजाफा होगा, भारतीय वायु सेना 15 चिकून हैलिकॉप्टर खरीद रही है।

भारतीय वायु सेना ने सितंबर, 2015 में बोइंग को 15 चिनूक हेलिकॉप्टर के साथ ही 22 अपाचे हेलिकॉप्टर का ऑर्डर दिया था। बोइंग ने हेलिकॉप्टर का ढांचा तैयार करने के लिए भारत में संयुक्त उद्यम लगाने के साथ ही सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 160 कंपनियों को जोड़ा है। अपाचे हेलीकॉप्टर की बात करें तो यह हेलीकॉप्टर दुनिया के सबसे विध्वंसक हेलीकॉप्टर माने जाते हैं। इन हेलीकॉप्टर्स का निर्माण 1984 में किया गया था, जिसके बाद से इसे कई बार अपडेट किया जा चुका है।

भारत के नजरिए से देखें तो सीमावर्ती इलाकों में सड़क निर्माण की दृष्टि से चिनूक हेलीकॉप्टर्स काफी अहम है। चिनूक हेलीकॉप्टर्स की मदद से सीमावर्ती इलाकों में सड़क निर्माण की सामाग्री आसानी से पहुंचायी जा सकती है, जिससे भारतीय सीमाओं पर ढांचागत विकास में तेजी आएगी। चीन जैसे देश लगातार बार्डर पर अपनी सड़कों को बना रहें हैं, जिससे की आसानी से सैनिकों को जरुरत पड़ने  पर जरुरी सामान पहुंचाया जा सकें।