Blog single photo

'हम हैं एशिया के शिकंदर'

दुबई में खेले गए एशिया कप के खिताबी मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को तीन विकेट से हराकर 7वीं बार खिताब पर अपना कब्जा जमा लिया है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (29 सितंबर):  दुबई में खेले गए एशिया कप के खिताबी मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को तीन विकेट से हराकर 7वीं बार खिताब पर अपना कब्जा जमा लिया है। टीम इंडिया के लिए 223 रन का टारगेट एक समय चुनौतीपूर्ण हो गया था। लेकिन टीम इंडिया ने 7 विकेट गिरने तक छोटी-छोटी साझेदारियां निभाकर यह खिताबी जीत अपनी झोली में डाल दी। अंतिम बॉल तक यह मैच रोमांचक रहा और सबसी सांसें थमी दिखीं। मैच की आखिरी बॉल पर केदार जाधव स्ट्राइक पर थे और उन्होंने स्वीप शॉट खेल भारत को जीत दिलानी चाही, लेकिन भारत की झोली में यह विजयी रन लेग बाय के रूप मे आया। इसी जीत के साथ भारत अपने खिताब की रक्षा करने में कामयाब रहा है। 

इससे पहले 223 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने 46 के स्कोर पर 2 विकेट गंवाने के बाद कप्तान रोहित शर्मा (48) ने दिनेश कार्तिक के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन 83 के कुल स्कोर पर वह पुल करने के प्रयास में फाइन लेग पर खड़े नजमुल इस्लाम को आसान सा कैच थमा गए। रोहित के आउट होने के बाद धोनी जब क्रीज पर आए, तो परिस्थितियां आसान नहीं थी।

तीन विकेट गंवा चुकी टीम इंडिया अभी जीत से 140 रन दूर थी। धोनी ने धैर्य के साथ खेलते हुए चौथे विकेट के लिए दिनेश कार्तिक के साथ पहले 54 रन की साझेदारी की। यहां कार्तिक (37) महमदुल्लाह की बॉल पर गलती कर गए और अंपायर ने उन्हें विकेट के सामने पाया, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद आगे का रास्ता उन्होंने केदार जाधव के साथ मिलकर तय किया। इस बीच 36 के निजी स्कोर पर धोनी मुस्तफिजुर की बॉल पर विकेटकीपर रहीम को आसान सा कैच थमा गए। धोनी के आउट होने से पहले केदार जाधव की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। इसके कारण खेल कुछ देर के लिए रुका और शायद धोनी खेल रुकने के कारण अपनी एकाग्रता खो चुके थे।  

इससे पहले बांगलादेश की पूरी टीम 48.3 ओवर में 222 रन पर ऑलआउट हो गई। 

बांगलादेश  के लिए सलामी बल्लेबाज लिटन दास ने शानदार शतकीय पारी खेली।  उन्होंने ताबड़तोड़ रन जुटाए और महज 117 गेंदों में 121 रन बनाए। लिटन ने अपनी पारी में 12 चौके और 2 छक्के लगाए। लिटन सिर्फ 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।  पिछले मैच में जल्द पवेलियन लौटने वाले लिटन फाइनल में टिककर बल्लेबाजी की। पाकिस्तान के खिलाफ वह 6 रन बनाकर आउट हो गए थे। लिटन एशिया कप के इतिहास में शतक जड़ने वाले कुल पांचवें और पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा भारत के खिलाफ वनडे में शतक जड़ने वाले लिटन तीसरे बांग्लादेशी बल्लेबाज भी बन गए हैं।

नहीं चला मिथुन और महमुदुल्लाह का बल्ला

मोहम्मद मिथुन और महमुदुल्लाह क्रीज पर ज्यादा टिक नहीं सके और  जल्द पवेलियन लौट गए। मिथुन ने 4 गेंदों में 2 और महमुदुल्लाह ने 16 गेंदों में 4 रन बनाए।  मिथुन रन लेने की जल्दबाजी में 28वें ओवर में रन आउट हो गए। वहीं, महमुदुल्लाह 33वें ओवर में कुलदीप यादव का शिकार बने। वह कुलदीप की गेंद को उठाकर मारना चाहते थे लेकिन बाउंड्री के पास जसप्रीत बुमराह ने शानदार कैच लपक लिया। 151 के स्कोर पर बांग्लादेश के पांच खिलाड़ी अपना विकेट गंवा बैठे।

इमरुल और मुश्फिकुर ने जल्द गंवाया विकेट

पहले विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी के बाद बांग्लादेश ने अगले दो विकेट जल्द गंवा दिए। मेहदी हसन के आउट होने के बाद बल्लेबाजी के लिए इमरुल कैस और फॉर्म में चल रहे मुश्फिकुर रहीम दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। इमरुल ने जहां 12 गेंदों 2 रन वहीं, मुश्फिकुर ने 9 गेंदों में बनाए। इमरुल 24वें ओवर में युजवेंद्र चहल की गेंद को समझ नहीं पाए और एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके अलावा मुश्फिकुर 27वें ओवर में केदार जाधव का दूसरा शिकार बने। वह जाधव की गेंद पर जसप्रीत बुमराह को कैच थमा बैठे। मुश्फिकुर ने पाकिस्तान के विरुद्ध पिछले मैच में शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 99 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था।

NEXT STORY
Top