भारत के बाद अब नेपाल में हुई नोटबंदी

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 दिसंबर): केंद्र की मोदी सरकार ने भारत में साल 2016 में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नोटबंदी का ऐलान किया था। जिसके बाद पूरे देश में पुराने नोटों पर पाबंदी लगाकर नई करेंसी को बाजार में उतारा गया था। इस दौरान भारत के पड़ोसी देश जैसे, नेपाल में भारतीय करेंसी बड़े पैमाने पर चलन में थी।

इसलिए भारत सरकार ने उन्हें एक समय सीमा देते हुए सारे पुराने नोटों को बैंक में जमा करने के लिए कहा था। हलांकि ये आंकड़े बता पाना मुश्किल है कि भारतीय करेंसी का कितना फीसदी नेपाल में चलन में था और कितना जमा किया गया है। लेकिन अब खबर आ रही है कि भारतीय करेंसी के नेपाल में चलन पर भी रोक लगा दी है। यानी कि नेपाल में भी अब नोटबंदी लागू हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल सरकार ने भारतीय करेंसी के 100 रुपए से बड़े नोटों को नेपाल में पूर्णरुप से बैन कर दिया है। इतना ही नहीं नेपाल सरकार ने इस फैसले को तत्काल प्रभाव से पारित करने के आदेश जारी किए हैं। नेपाल के सूचना एवं प्रसारण मंत्री गोकुल प्रसाद बसकोटा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि नेपाल की सरकार ने लोगों से अपील की है कि 100 रुपये से ज्यादा के यानी 200, 500 और 2,000 रुपये के नोटों का इस्तेमाल न करें। क्योंकि इन्हें सरकार ने अमान्य घोषित करने का फैसला लिया है। नेपाल सरकार के फरमान के मुताबिक वहां पर अब सिर्फ 100 रुपये के भारतीय नोट को प्रचलन की ही इजाजत है।

अब ऐसे में सवाल उठता है कि भारत के बाद अब नेपाल को भी भारतीय करेंसी पर रोक लगाने की जरुरत क्यों पड़ी? बता दें कि नेपाल में भारतीय करेंसी के 200 और 500 रुपये के नोटों का भारी पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है फिर वो चाहे कितना भी बड़ा से बड़ा या फिर छोटा व्यापार क्यों न हो। इतना नहीं भारत के मुकाबले वहां पर भी काला धन जमाकरने की संख्या में लागातार इजाफा होता जा रहा है। जिसकी वजह से नेपाल सरकार ने इस बावत फैसला लेकर भारतीय करेंसी के बड़े नोटों पर बैन लगाने का फैसला किया है।