न्यूक्लियर हथियारों से भी सख्त हिफाजत में आतंकी सरगना हाफिज सईद और मसूद अजहर

राजीव  शर्मा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 जुलाई): भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के साथ आतंकी सरगनाओं में खौफ पैदा हो गया है। पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई को डर है कि भारतीय एजेंट्स मसूद अजहर, हाफिज सईद और दाऊद इब्राहीम को किडनेप कर सकते हैं या फिर उनकी हत्या कर सकते हैं। इसी डर के कारण पाकिस्तानी सेना और आईएसआई इन आतंकियों की हिफाजत अपने न्यूक्लियर हथियारों से भी ज्यादा कर रही है। एक जानकारी के अनुसार आतंकी सरगनाओं की हिफाजत आ रहे भारी-भरकम खर्चे पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ा सिर दर्द बन गया है।

ऐसा मााना जा रहा है कि पाक स्थित आतंकी गिरोह कांधार और कुनार से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक अफगानिस्तान में अपने आतंकी ठिकानोंको शिफ्ट कर रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान की सरकार भारी दबाव में है। इस साल के अंत में पाकिस्तान को टेरर फंडिंग की निगरानी करने वाली संस्था फाइनैंशिएल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के सामने खुद को ब्लैक लिस्ट होने से बचाना है। ऐसे में दुनिया की नजर में पाकिस्तान के कथित ऐक्शन को दिखाने के लिए आतंकी अपने दहशर्तगर्दों और टेरर कैंपों को अफगान बॉर्डर पर ले जा रहे हैं।

पाकिस्तान पहले से ही टेरर फंडिंग के खिलाफ काम करने वाले वैश्विक संगठन एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल है। इसने पाकिस्तान से मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। उधर, भारत चाहता है कि एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करे, इस कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पडे़गा। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान में मौजूद आतंकी गिरोहअफगानिस्तान में तालिबान के दबदबे वाले इलाके में छुप रहे हैं। उनसे काबुल स्थित भारतीय दूतावास और अन्य कूटनीतिक संस्थानों को खतरा पैदा हो गया है।

कांधार स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को तालिबान हमले के खतरे की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट पर रखा गया है।  हक्कानी नेटवर्क ने साल की शुरुआत में जैश सरगना मसूद अजहर को अफगानिस्तान में पनाह देने का ऑफर दिया था। हालांकि, भारतीय सूत्रों के मुताबिक हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाऊद इब्राहीम अलग-अलग स्थानों पर पाकिस्तानी आर्मी के सेफ हाउसेस में रखे गये हैं।  Images Courtesy:Google