कुलभूषण जाधव केसः आईसीजे में पाकिस्तान को बड़ा झटका

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 फरवरी): हेग स्थित आईसीजे (इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। आईसीज ने की कुलभूषण जाधव केस को स्थगित करने की मांग को खारिज कर दिया। पाकिस्तान की तरफ से एड-हॉक जज को लेकर की गई आपत्ति पर आईसीजे ने कहा कि इसे दर्ज कर लिया गया है और निकट भविष्य में इस पर जवाब दिया जाएगा।

मंगलवार को भारत के आरोपों के जवाब में पाकिस्तान के वकील ने अपना पक्ष रखा। पाक के अटॉर्नी जनरल ने अपनी दलीलों की शुरूआत झूठ से की और जाधव को ही नहीं, बल्कि भारत पर भी आतंक प्रायोजक होने का आरोप लगाया। पाक अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने कहा, 'मैं खुद भारतीय क्रूरता का शिकार रहा हूं। एक युवा आर्मी ऑफिसर के तौर पर मैं भारत की जेल में बंद था। पाकिस्तान के आर्मी स्कूल में हुए आतंकी हमले में 140 मासूमों की जान गई थी। यह भारत समर्थित अफगानिस्तान का किया आतंकी हमला था।'

पाकिस्तान की दलील, 'जाधव बहुत से स्थानीय लोगों के संपर्क में था और उसने कई को राज्य विरोधी ताकतों को सुसाइड बॉम्बर बनने के लिए तैयार किया था ताकि पाकिस्तान में आतंक फैलाया जा सके। चीन-पाकिस्तान कॉरिडोर को भी प्रभावित करने की कोशिश की गई, जो पाकिस्तान की प्रगति का अहम हिस्सा है। यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है। यह पूरी तरह से राज्य प्रायोजित है।'

पाकिस्तान ने अपनी दलील में दावा किया कि 1947 से भारत की तरफ से पाकिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश हो रही है। हमने मानवता के आधार पर परिवार को जाधव से मिलने की अनुमति दी, लेकिन भारत की तरफ से कभी ऐसी कोई मानवीयता आज तक नहीं दिखाई गई है। भारत के जेल में बंद पाकिस्तानियों के लिए कब भारत ने ऐसी रहमदिली दिखाई?

ऐसी उम्मीद है कि आईसीजे का फैसला इस साल गर्मियों तक आ सकता है। कल पाकिस्तान की तरफ से केस की सुनवाई को टालने का अनुरोध किया गया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। आज सुनवाई शुरू होने से पहले कोर्ट में जजों ने पूछा कि क्या वह बहस के लिए तैयार है? इसके बाद पाक एजी ने हामी भरी और बहस शुरू की गई।

इससे पहले सोमवार को आईसीजे में कुलभूषण जाधव मामले पर हुई सुनवाई में भारत ने वियना संधि से पाकिस्तान को घेरा। भारत की तरफ से दीपक मित्तल और सीनियर वकील हरीश साल्वे ने अपना पक्ष रखा और पाकिस्तान के झूठी बातों का पर्दाफाश किया। हरीश साल्वे ने बताया कि पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया और 13 बार गुजारिश करने के बावजूद कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस नहीं दिया।