12 बैंकों को 4823900000000 रुपये देगी मोदी सरकार

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न्यूज 24 ब्यूरो, मनीष कुमार, नई दिल्ली (20 फरवरी): भारतीय बैंकों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए मोदी सरकार 48,239 करोड़ रुपये 12 सरकारी बैंकों में डालेगी। सरकार चालू वित्त वर्ष में अब तक 1 लाख करोड़ रुपये बैंकों में डाल चुकी है। रिकैपिटलाइजेशन के तहत मिलने वाली रकम से बैंकों के पास आरबीआई के नियम पूरे करने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध हो पाएगी।

इसमें सबसे अधिक रकम कॉरपोरेशन बैंक को 9,068 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में सरकार 5908 करोड़ रुपये इन्फ्यूज करेगी। सरकार कॉरपोरेशन बैंक में 9086 करोड़ रुपये और इलाहाबाद बैंक में 6896 करोड़ रुपये इन्फ्यूज करेगी। आरबीआई के पीसीए (PCA) निगरानी के तहत यह दोनों बैंक बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंक रहे। बैंक ऑफ इंडिया को 4638 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 205 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इन बैंकों ने हाल ही में आरबीआई के रेग्युलेटरी सुपरविजन फ्रेमवर्क पीसीए की निगरानी से बाहर आए हैं।

इन बैंकों को मिलेंगे इतने करोड़...

इलाहाबाद बैंक को 6896 करोड़ रुपये

कॉर्पोरेशन बैंक 9086 करोड़ रुपये

बैंक ऑफ इंडिया 4638 करोड़ रुपये

बैंक ऑफ महाराष्ट्र 205 करोड़ रुपये

पंजाब नेशनल बैंक 5908 करोड़ रुपये

यूनियन बैंक 4112 करोड़ रुपये

आंध्र बैंक 3256 करोड़ रुपये

सिंडिकेट बैंक 1603 करोड़ रुपये

सेंट्रल बैंक 2560 करोड़ रुपये

यूनाइटेड बैंक 2839 करोड़ रुपये

यूको बैंक 3330 करोड़ रुपये

इंडियन ओवरसीज बैंक 3806 करोड़ रुपये

बैंकों को रिकैपिटलाइजेश के तहत रकम इसलिए दी जा रही है ताकि वो पर्याप्त पूंजी के रिजर्व बैंक के नियम को पूरा कर सकें। उन बैंकों को आरबीआई की प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) लिस्ट से बाहर होने में मदद मिल सके जो इसमें शामिल हैं। साथ ही पीसीए की कगार पर पहुंच चुके बैंक इससे बच सकें।

क्या है प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन ?

एनपीए, रिटर्न ऑफ असेट्स और कैपिटल टू रिस्क वेटेड असेट्स रेश्यो के मापदंड़ों का उल्लंघन करने पर किसी बैंक को पीसीए लिस्ट में डाल दिया जाता है। ऐसे बैंकों पर कर्ज बांटने और गैर जरूरी खर्चों पर रोक लागू हो जाती है। बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भी इस लिस्ट में शामिल हुए थे, लेकिन पिछले महीने वो बाहर हो गए।