गंगा दशहरा पर करें ये काम, हर कष्‍टों से मिलेगी मुक्‍ति

नई दिल्ली (24 मई): आज गंगा दशहरा है। गंगा दशहरा हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। इस मौके पर सुबह से लोग पवित्र सरोबरों में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। गंगा दशहरा के मौके पर गंगा स्नान का खास महत्व है। हालांकि इस मौके पर हरिद्वार के हर की पौड़ी पर स्नान को खास माना जाता है। लिहाजा सुबह से यहां श्रद्धालुओं की खासी भीड़ देखी जा रही है।मान्यता के मुताबिक इस दिन हर की पौड़ी पर गंगा स्‍नान करने से मोक्ष की प्राप्‍ती होती है। सभी पाप का नाश होता है और लोगों सभी कष्‍टों जीवनभर के लिए दूर हो जाते हैं। पुराणों के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र कालीन स्वर्ग से गंगा नदी का धरती पर अवतरण हुआ था। धरती पर बढ़ रहे पापों का नाश करने के लिए पतित पावनी गंगा भागीरथ के तप से धरती पर आईं। बताया जाता है कि इस जगह पर भगवान श्री कृष्‍ण आए थे।गंगा में डुबकी लगाते समय 10 बार 'ऊं नमह शिवाये नारायनये दशहराये गंगाये नमह' का जाप करना चाहिये। फिर हाथों में फूल ले कर उसे गांगा में अर्पित कर दें। इस दौरान पितरों की खुशी के लिए प्रार्थना की भी मान्यता है। साथ ही इस दिन लोग श्री विष्‍णु के नाम का व्रत भी रखते हैं। इस दिन सत्तू, मटका और हाथ का पंखा दान करने की खास मान्यता है।