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बलुचिस्तान ही नहीं अब सिंध में सुलगी आजादी की चिंगारी, कराची में सड़कों पर उतरा जनसैलाब

पाकिस्तान(Pakistan) में आजादी की चिंगारी अभी भी बरकरार है। पाकिस्तान के सिंधी(Sindhis) समुदाय ने एक बार फिर अलग सिंधुदेश(Sindhudesh) की मांग उठाई है। इस मांग के लिए लेकर कराची(Karachi) में हजारों सिंधियों ने मार्च निकाला।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(20 नवंबर):   पाकिस्तान(Pakistan) में आजादी की चिंगारी अभी भी बरकरार है। पाकिस्तान के सिंधी(Sindhis) समुदाय ने एक बार फिर अलग सिंधुदेश(Sindhudesh) की मांग उठाई है। इस मांग के लिए लेकर कराची में हजारों सिंधियों ने मार्च निकाला। अपनी मांग के समर्थन में देशभर से जुटे सिंधी नागरिकों ने कराची(Karachi) में गुलशन-ए-हदीद से प्रेस क्लब तक मार्च निकाला। मार्च के दौरान उन्होंने हाथों में सिंधुदेश के प्रतीक लाल झंडे लिया और हजारों लोगों ने स्वतंत्र देश के समर्थन में नारे लगाए। पाकिस्तान((Pakistan) से अलग देश की मांग की।

इससे पहले पाकिस्तान से स्वतंत्र सिंधुदेश बनाने की मांग पहली बार 1972 में सिंधी नेता जीएम सईद ने उठाई थी। 1995 में जीएम सईद के निधन के बाद सिंधुदेश के आंदोलन को जारी रखने के उद्देश्य से एक अलग पार्टी जय सिंध कौमी महाज (जेएसक्यूएम) का गठन किया गया। कराची में रविवार के पृथक सिंधु देश के लिए मार्च का आयोजन जेएसक्यूएम पार्टी ने किया था।जेएसक्यूएम के अध्यक्ष सुनान कुरैशी और दूसरे राष्ट्रीय नेताओं ने इस मौके पर मार्च कर रहे लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने सिंधी भाषा और संस्कृति पर मंडरा रहे खतरे को अपनी मांगों की मुख्य वजह बताया। सिंधी समुदाय का कहना है कि सिंध अपने आप में अलग राष्ट्र है, लेकिन पाकिस्तान ने उस पर जबरन कब्जा जमा रखा है। 

सिंधु समुदाय के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओ के खिलाफ इमरान (Imran khan) सरकार आपत्तिजनक नारेबाजी विद्रोह, आतंकवाद और आपराधि साजिश की धाराओं के तहत मामले दर्ज कर रही है। दर्ज मामलों में आरोप लगाया है कि जेएसक्यूएम के अध्यक्ष सुनान कुरैशी, उप अध्यक्ष इलाही बख्श और कई और नेताओ के देश सरकार और संस्थानों के खिलाफ भड़काने की कोशिश की।


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