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VIDEO: प्रणब मुखर्जी के फैसले से सकते में कांग्रेस

प्रणव मुखर्जी के संघ दफ्तर जाने के फैसले पर कांग्रेस सकते में है। कांग्रेस से बड़े नेता पूर्वा राष्ट्रपति पार्टी नेता मिलकर फैसले पर फिर से विचार की मांग करेंगे।

नई दिल्ली (29 मई): प्रणव मुखर्जी के संघ दफ्तर जाने के फैसले पर कांग्रेस सकते में है। कांग्रेस से बड़े नेता पूर्वा राष्ट्रपति पार्टी नेता मिलकर फैसले पर फिर से विचार की मांग करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि बुराड़ी अधिवेशन में खुद प्रणव दा ने आरएसएस के रिश्ते आतंकी संगठनों से होने की जांच कराए जाने की बात कही थी। ऐसे में संघ मुख्यालय जाने का फैसला सही नहीं।पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बनकर जाएंगे, इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर हर कोई सकते में है। आरएसएस के मुताबिक 7 जून को प्रणब मुखर्जी त्रितिय वर्ष वर्ग के विदाई समारोह में शिरकत करेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे।दरअसल प्रणब मुखर्जी को कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आने का न्योता दिया है और पूर्व राष्ट्रपति ने इसपर अपनी सहमति भी दे दी है। वहीं प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में जाने पर एक कांग्रेस नेता का कहना है कि वह प्रणब मुखर्जी ही थे जिन्होंने एआईसीसी के बुरारी सेशन में 2010 में यूपीए सरकार को आरएसएस और इसकी सहयोगी संस्था के खिलाफ आतंकी संगठनों के साथ संबंध कि जांच करवाने की बात कही थी।ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये खास रिपोर्ट...

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