नयी सरकार बनते ही 1 करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार, देखें ब्लूप्रिंट

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 मई): देश में युवाओं को रोजगार देने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। नई सरकार का गठन होते ही एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन को परवान चढ़ाने के मकसद से विशिष्ट कार्यबल तैयार करने का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है।

 इस मिशन को सफलतापूर्वक लागू करने से एक करोड़ नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। मिशन के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने की योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन की विशेषज्ञता वाले लोगों की फौज खड़ा किया जाएगा। इसके लिए डिजाइन एवं टेस्टिंग, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ मैनेजमेंट, सेल्स, सर्विसेज और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नौकरियां पैदा होंगी। 

इसके अलावा, ऑटोमोटिव मिशन प्लान 2026 में ऑटो सेक्टर में अतिरिक्त 6.50 करोड़ नौकिरयां पैदा होने का अनुमान है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की ओर पैदा होने वाले मानव संसाधन की मांग पूरी करने की योजना का खाका तैयार कर रहा है। एक शीर्ष अधिकारी ने ईटी को बताया, 'एक विशिष्ट पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा ताकि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडस्ट्री की मांग पूरी की जा सके।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय इस बात पर नजर रखेगा कि तयशुदा वक्त में निश्चित तादाद में नया वर्कफोर्स तैयार हो जाए। वहीं, सरकार ने सभी संबंधित मंत्रालयों और सबंधित क्षेत्रों के कौशल परिषदों से संपर्क में है जिनमें ऑटोमोटिव, पावर और प्रशिक्षण एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन महानिदेशक आदि शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, 'निश्चित परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी पहलों को एक प्लैटफॉर्म पर लाने की योजना है।'सरकार ने 2013 में ही नैशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लान लॉन्च किया था। इसका मकसद 2020 तक देश की सड़कों पर 60 से 70 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को उतारना है और इसे 2030 तक बढ़ाकर कुल वाहनों का 30% तक पहुंचाने का लक्ष्य है।ऑटोमोटिव स्किल्स डिवेलपमेंट काउंसिल के सीईओ अरिंदम लाहिरी ने बताया, 'हमने इलेक्ट्रिक वीइकल के लिए विशेष व्यावसायिक पैमाना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए हमने पुणे की संस्था ऑटोमोटिव रिसर्च असोसिएशन ऑफ इंडिया से हाथ मिलाया है।' इसका मसौदा तैयार कर लिया गया है और जून तक सारे पैमाने तय कर लिए जाएंगे। फिर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की टीम इसकी समीक्षा करेगी और स्वीकृति देगी।कोलकाता का सेंट्रल स्टाफ ट्रेनिंग ऐंड रिसर्च इंस्टिट्यूट इलेक्ट्रिक वीइकल टेक्निशियन के लिए पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। वहीं, पावर सेक्टर स्किल काउंसिल सुपवाइजर, टेक्निशियन और हेल्परों के लिए व्यावासायिक पैमाना तैयार कर रहा है जिन्हें सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।