कम्युनिस्ट शासन के अत्याचारों से हलकान शिनजियांग के मुसलमान और चीन के तलुवे चाट रहा पाकिस्तान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 जुलाई): इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान और तुर्की की स्वार्थी नीतियों के चलते तुर्की भाषा बोलने और इस्लामिक कायदे-कानून मानने वाले लगभग सवा करोड़ मुसलमान चीन की कम्युनिस्ट सरकार के जुल्म सहने को मजबूर हैं। इन मुसलमानों को उईगर मुसलमान कहा जाता है और ये शिनजियांग में रहते हैं। शिनजियांग को कभी पूर्वी तुर्किस्तान कहा जाता था।

ऐसा आरोप है कि जिस तरह से पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर कब्जा किया, ठीक उसी तरह से चीन ने भी बरसों पहले पूर्वी तुर्किस्तान पर कब्जा कर उसे शिनजियांग बना दिया। शिनजियांग भी बलूचिस्तान की तरह प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। चीन की कम्युनिस्ट सरकार यहां के संसाधनों का दोहन अपने हितों के करती है। चीन की सरकार के अत्याचार और शोषण का विरोध करने वालों को चीनी सरकार आतंकवादी करार देती है। शिनजियांग में रहने वाले मुसलमानों का ब्रेन वाश करने के उन्हें नजरबंदी शिविरों में कैद रखा जाता है।  

बहरहाल,  शिनजियांग के नजरबंदी शिविरों में  उइगुर मुसलमानों को  हिरासत में रखने को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना कर रहे चीन ने रविवार को एक श्वेत पत्र जारी किया और कहा कि यह अस्थिर प्रांत देश का अविभाज्य हिस्सा है तथा यह कभी पूर्वी तुर्किस्तान नहीं रहा जैसा कि अलगाववादी दावा करते हैं।

चीन उन खबरों को लेकर पश्चिमी देशों की तीखी आलोचना का सामना कर रहा है कि उसने भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) तथा कई मध्य एशियाई देशों के साथ लगती सीमा पर शिनजियांग में नजरबंदी शिविरों में 10 लाख लोगों को बंद कर रखा है जिनमें से ज्यादातर जातीय उइगुर हैं। खबरें हैं कि उसने अलगाववादी पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक आंदोलन (ईटीआईएम) के हिंसक हमलों को नियंत्रित करने के प्रयास में ऐसा किया।

चीन अशांत शिनजियांग क्षेत्र और बीजिंग समेत देश के कई अन्य हिस्सों में कई हिंसक हमलों के लिए ईटीआईएम को जिम्मेदार ठहराता है। संसाधनों से भरपूर शिनजियांग प्रांत तुर्की भाषा बोलने वाले एक करोड़ से अधिक उइगुर मुसलमानों का घर है। चीन ने रविवार को श्वेत पत्र जारी कर कहा कि चीन के इतिहास में कभी भी उत्तर पश्चिम शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र पूर्वी तुर्किस्तान का हिस्सा नहीं रहा और पूर्वी तुर्किस्तान नाम का कोई राज्य नहीं रहा।

इसमें कहा गया, ‘‘शिनजियांग लंबे समय से चीनी क्षेत्र का अविभाज्य हिस्सा रहा है। कभी भी उसे तथाकथित ‘पूर्वी तुर्किस्तान’ नहीं कहा गया। उइगुर जातीय समूह प्रवास और एकीकरण की लंबी प्रक्रिया से अस्तित्व में आया।’’Images Courtesy:Google