Blog single photo

अब तक 20 बार से ज्यादा टूटी कांग्रेस, बनीं ये अलग पार्टियां

बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को आजादी के बाद से करीब 20 बार टूट का सामना करना पड़ा। यहीं नहीं इन सबके बावजूद पार्टी हर बार और ज्यादा मजबूत होकर सामने

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर): देश की सबसे पुरानी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आज यानी 28 दिसंबर को स्थापना दिवस है। इसकी स्थापना 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुई थी। इसे स्थापित करने वालों में ए ओ ह्यूम, दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा थे। कांग्रेस पार्टी आज दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में स्थापना दिवस मना रहा है। इसके साथ ही सभी प्रदेशों में अलग-अलग नेताओं के नेतृत्व में झंडा फहराएगी और अपना स्थापना दिवस मना रही है।

कांग्रेस भारत का सबसे प्राचीन दल है और वर्तमान में इसकी बागड़ोर राहुल गांधी के हाथ में है। लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को आजादी के बाद से करीब 20 बार टूट का सामना करना पड़ा। यहीं नहीं इन सबके बावजूद पार्टी हर बार और ज्यादा मजबूत होकर सामने आई।

आजादी के समय महात्मा गांधी, बालगंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल की जो कांग्रेस बनाई थी वो कई बार टूटी। यहां तक कि इंदिरा गांधी की कांग्रेस भी कई बार टूटी। कांग्रेस से टूटकर नई-नई कांग्रेस पार्टियां बनीं। राष्ट्रीय स्तर पर तो कांग्रेस में विभाजन हुआ ही, साथ ही साथ राज्य स्तर पर भी कांग्रेस टूटती और बिखरती रही।

इंदिरा के समय में दो बार टूटी कांग्रेस:

1: 12 नवंबर 1969 में कांग्रेस पार्टी से इंदिरा गांधी को बर्खास्त कर दिया गया था और उन्होंने अपनी एक अलग पार्टी कांग्रेस-(रिक्वीजीशन) की स्थापना की थी। नेहरू-पटेल-आजाद की कांग्रेस का चुनाव चिन्ह जोड़ा बैल था। लेकिन जब इंदिरा गांधी ने अलग पार्टी बनाई तो उन्हें यह चिन्ह नहीं मिला। यह चुनाव चिन्ह कांग्रेस (आर्गनाइजेशन) के पास रहा, क्योंकि बड़े-बड़े स्वतंत्रता सेनानी इंदिरा के विरोध में थे। यही वजह है कि इंदिरा गांधी ने गाय-बछड़े को अपना सिम्बल बनाया था।

2: इमरजेंसी के बाद कांग्रेस (आर) का फिर से विभाजन हुआ। 1977 के चुनाव में कांग्रेस (आर) की हार हुई थी। पार्टी नेताओं ने खुलकर इंदिरा का विरोध किया, जिससे पार्टी दो फांक में बंट गई। इंदिरा गांधी ने एक बार फिर अलग पार्टी बनाई, जिसका नाम रखा कांग्रेस (आई) मतलब इंदिरा कांग्रेस। इस बार इंदिरा ने पंजे के निशान को चुना।

आजादी के बाद टूटी कांग्रेस:

1: आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी 1951 में टूटी, जब जे. कृपलानी ने इससे अलग होकर किसान मजदूर प्रजा पार्टी बनाई और एनजी रंगा ने हैदराबाद स्टेट प्रजा पार्टी बनाई। इसी साल कांग्रेस से अलग होकर सौराष्ट्र खेदुत संघ बनी।

2: 1956 में कांग्रेस फिर टूटी जब सी राजगोपालाचारी ने इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी बनाई।

3: इसके बाद 1959 में बिहार, राजस्थान, गुजरात और उड़ीसा में भी कांग्रेस पार्टी टूटी। यहां कांग्रेस से अलग होकर कांग्रेसी नेताओं ने स्वतंत्र पार्टी बनाई।

4: 1964 में के एम जॉर्ज ने केरल-कांग्रेस बनाई।

5: 1966 में उड़ीसा में हरकृष्णा महाताब ने उड़ीसा-जन-कांग्रेस बनाई।

6: 1967 में कांग्रेस पार्टी से चरण सिंह अलग हुए और भारतीय क्रांति दल बनाया। वहीं बंगाल में इसी साल अजय मुखर्जी ने बांग्ला-कांग्रेस का ऐलान कर दिया। अगले साल कांग्रेस मणिपुर में टूटी।

7: 1969 में कांग्रेस पार्टी से बीजू पटनायक और मारी चेन्ना रेड्डी अलग हुए और उत्कल-कांग्रेस और तेलंगाना प्रजा समिति पार्टियां कांग्रेस के विरोध में खड़ी हो गई।

8: 1978 में कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गोवा में कांग्रेस पार्टी फिर से टूटी। इस बार इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स) बनी।

9: कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गोवा में जो लोग कांग्रेस में बचे थे उनमें फिर से 1981 में बंटवारा हुआ। इस बार शरद पवार पार्टी से अलग हो गए और इंडियन नेशनल कांग्रेस सोशलिस्ट बनी। इसी साल बिहार में जगजीवन राम ने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया और उन्होंने जगजीवन-कांग्रेस पार्टी की स्थापना की।

10: 1984 में असम में शरत चंद्र सिन्हा ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी अलग पार्टी बना ली।

11: 1986 में प्रणब दा ने विभाजन का झंडा बुलंद किया और राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस बनाई।

12: 1988 में शिवाजी गणेशन ने तमिलानाडु में कांग्रेस को तोड़कर टीएमएम पार्टी बनाई।

13: इसी तरह 1994 में तिवारी कांग्रेस बनी जिसमें नारायण दत्त तिवारी, अर्जुन सिंह, नटवर सिंह शामिल हुए।

14: 1996 में तो कांग्रेस से टूटकर कई राज्यों में नई पार्टियों को जन्म हुआ। इस साल कांग्रेस को विभाजित करने वाले नेताओं में कर्नाटक में बंगरप्पा, अरुणाचल प्रदेश में गेगांग अपंग, तमिलनाडु में मुपनार, मध्यप्रदेश में माधवराव सिंधिया शामिल थे।

15: साल 1997 में कांग्रेस बंगाल और तमिलनाडु में फिर से टूटी। बंगाल में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस बनाई, वहीं तमिलनाडु में बी रामामूर्ति ने मक्काल कांग्रेस की स्थापना की।

16: 1998 में पार्टी गोवा, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में टूट कर क्रमशः गोवा राजीव कांग्रेस, अरुणाचल कांग्रेस, ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस (सेकुलर), महाराष्ट्र विकास अगाढ़ी बनी।

17: इसी तरह 1999 में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी बनी और जम्मू कश्मीर में मुफ्ती सईद ने कांग्रेस से अलग होकर पीडीपी बनाई।

18: 2000 से अब तक पार्टी तमिलनाडु, पांडिचेरी, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, बंगाल और आंध्रप्रदेश में टूट चुकी है।

Tags :

NEXT STORY
Top