इस अंग्रेज के कारण अस्तित्व में आई थी कांग्रेस

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर): 
देश की सबसे पुरानी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आज यानी 28 दिसंबर को स्थापना दिवस है। इसकी स्थापना 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुई थी। इसे स्थापित करने वालों में ए ओ ह्यूम, दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा थे। कांग्रेस पार्टी आज दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में स्थापना दिवस मना रहा है। इसके साथ ही सभी प्रदेशों में अलग-अलग नेताओं के नेतृत्व में झंडा फहराएगी और अपना स्थापना दिवस मना रही है।

कांग्रेस भारत का सबसे प्राचीन दल है और वर्तमान में इसकी बागड़ोर राहुल गांधी के हाथ में है। लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि कांग्रेस की स्थापना के पीछे किसी भारतीय नहीं बल्कि एक ब्रिटिश का हाथ है। इसका गठन साल 1885 में हुआ, जिसका श्रेय एलन ऑक्टेवियन ह्यूम को जाता है। एलेन ओक्टेवियन ह्यूम का जन्म 1829 को इंग्लैंड में हुआ था। वो अंग्रजी शासन की सबसे प्रतिष्ठित ‘बंगाल सिविल सेवा’ में पास होकर साल 1849 में ब्रिटिश सरकार के एक अधिकारी बने। 1857 में गदर के वक्त वो इटावा के कलेक्टर थे। एओ ह्यूम ने खुद ब्रटिश सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई और 1882 में पद से अवकाश ले लिया और कांग्रेस यूनियन का गठन किया। उन्हीं की अगुआई में बॉम्बे में पार्टी की पहली बैठक हुई थी।

पत्रकार और राजनेता व्योमेश चंद्र बनर्जी इसके पहले अध्यक्ष बने। शुरुआती वर्षों में कांग्रेस पार्टी ने ब्रिटिश सरकार के साथ मिल कर भारत की समस्याओं को दूर करने की कोशिश की। लेकिन 1950 में बंगाल विभाजन के बाद पार्टी ने रूख बदला और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन शुरू हुए। इसी बीच महात्मा गांधी भारत वापस आए और उन्होंने खिलाफत आंदोलन शुरू किया।

कांग्रसे के अधयक्ष आज राहुल गांधी ने और उनसे पहले सोनिया गांधी लगभग 20 साल तक पार्टी की अध्यक्ष रहीं। वैसे शायद बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रथम महिला स्नातक कादम्बिनी गांगुली ने 1890 में प्रथम बार कांग्रेस को संबोधित किया। इस संबोधन का कांग्रेस के इतिहास में दूरगामी महत्व था, क्योंकि इससे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संघर्ष में महिलाओं की सहभागिता परिलक्षित होती है।