Blog single photo

बीजिंग जाकर कश्मीर पर फंस गये इमरान, चीन ने कहा भारत के साथ बैठ कर सुलझाओ सभी मुद्दे

भारत ने ऐसा चक्रव्यूह चला कि चीन जाकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान फंस गये हैं। अब कश्मीर मुद्दा न उनसे निगला जा रहा है और न थूका जा रहा है। फौज-फर्रा के साथ चीन की राजधानी बीजिंग में डटे पाक

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 अक्टूबर): भारत ने ऐसा चक्रव्यूह चला कि चीन जाकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान फंस गये हैं। अब कश्मीर मुद्दा न उनसे निगला जा रहा है और न थूका जा रहा है। फौज-फर्रा के साथ चीन की राजधानी बीजिंग में डटे इमरान खान के सामने चीन के विदेश मंत्री गेंग शुआंग ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर सहित सभी मुद्दों को मिल बैठकर हल करना चाहिए। कूटनीतिक खेमों में चीनी विदेश मंत्री के ऐसा बयानों के पाकिस्तान की बड़ी हार और भारत की बड़ी जीत मानी जा रही है। क्यों कि यूएनजीए में चीन ने कश्मीर को यूएन रीजोल्यूशन के तहत हल किये जाने पर जोर देकर पाकिस्तान का समर्थन किया था। एकाएक चीन के रुख में आये इस परिवर्तन से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान खुद को काफी ठगा सा महसूस कर रहे हैं लेकिन वो चीन के खिलाफ कुछ बोल भी नहीं सकते क्यों कि इस समय चीन ही एक ऐसा देश है जिनके बूते पर पाकिस्तान चल रहा है। इसके अलावा 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक एफएटीएफ की बैठक भी होने वाली है। इस बैठक की अध्यक्षता चीन कर रहा है। एफएटीएफ में ब्लैक लिस्ट होने की तलवार पाकिस्तान पर लटक रही है। एककारण और भी है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आने वाले हैं। इसलिए भी चीनी खेमा माहौल को सामान्य बनाने के लिए ऐसे कदम उठा रहा है।

बहरहाल,  चीन के विदेश मंत्री गेंग शुआंग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर चीन की नीति साफ और स्पष्ट है। भारत और पाकिस्तान को इस मुद्दे को आपसी बातचीत और समझ के साझ सुलझाने की आवश्यकता है। अगर भारत और पाकिस्तान दोनों देश इस मुद्दे पर किसी सार्थक नतीजे पर पहुंचते हैं तो यह उनके साझा हितों के लिए बेहतर होगा और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समाज के लिए अच्छा रहेगा। चीन ने इसके साथ कहा कि ये बात सच है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का मामला लंबित है। लेकिन हम सोचते हैं कि जब तक इस मुद्दे का कोई स्थाई हल न निकले तब तक दोनों देशों को सीमा पर शांति कायम रखना चाहिए।दोनों देश एक दूसरे के पड़ोसी हैं, दोनों देशों के पास बड़ा भूभाग है। इसके साथ ही चीन और भारत उभरती हुए अर्थव्यवस्था हैं। ऐसे में व्यापार के जरिए दोनों मुल्क एक दूसरे के और करीब आ सकते हैं।

पांच अगस्त को जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया तो पाकिस्तान, चीन की शरण में पहुंचा। चीन ने यूएन की बंद दरवाजे की मीटिंग बुलाई हालांकि जानकारों की नजर में उस बैठक का कोई अर्थ नहीं था। ये बात अलग है कि पाकिस्तान ने यह कहकर प्रचार शुरू किया कि उसे दुनिया के एक ताकतवर मुल्क का समर्थन है। इसके बाद चीन ने यूनएजीए में कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को चार्टर के हिसाब से सुलझाना चाहिए।

Images Courtesy:Google

Tags :

NEXT STORY
Top