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ब्रिटेन के चुनाव में बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी की बड़ी जीत, भारत के लिए शुभ संकेत

ब्रिटेन के (British) आम चुनावों (Election) में बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) की कंजरवेटिव पार्टी (Conservative Party) ने भारी बहुमत जीत हासिल कर ली है। भारतीय (India) हितों के लिए भी ये जीत शुभ संकेत (Good Sign) माना जा रहा है।

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अनिल सिंह, न्यूज 24 ब्यूरो, लंदन (13 दिसंबर): ब्रिटेन के (British) आम चुनावों (Election) में बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) की कंजरवेटिव पार्टी (Conservative Party) ने भारी बहुमत जीत हासिल कर ली है। भारतीय (India) हितों के लिए भी ये जीत शुभ संकेत (Good Sign) माना जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन को बधाई भी दी है। जॉनसन की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी की बधाई चौंकाने वाली बात नहीं है क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान जॉनसन ने मोदी की खूब तारीफ की है । जॉनसन कह चुके हैं कि मोदी एक नया भारत बना रहे हैं और उन्हें जहां भी ब्रिटेन की जरूरत महसूस होगी हम साथ खड़ें होंगे। जॉनसन भारतीय हितों के पक्षधर माने जाते हैं। सरकार बनाने के लिए जरूरी 326 सीटों के आंकड़े को लांघ कर बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी खाते में 364 सीटें आई हैं।ब्रिटेन के चुनाव में उस लेबर पार्टी की हार हुई है जिसने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने पर भारत का विरोध किया था। चुनाव में भारतीय समुदाय ने इसे मुद्दा बनाया और इसका असर ये हुआ कि भारतीय समुदाय के लोगों ने जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी को जिता दिया। इन चुनवों में इस बार भारतीय मूल के 15 सांसद जीत कर आये हैं।भारत विरोधी लेबर पार्टी की सीटों की संख्या घटकर 203 रह गई है। पार्टी अपनी कई पारंपरिक सीटें गँवा बैठी। उसे पिछले चुनाव से 59 सीटें कम मिली हैं।

नतीजों के ऐलान के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उन्हें अब एक नया जनादेश मिला है जिससे वो ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने वाली 

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ब्रेग्ज़िट डील को लागू करवा सकेंगे और ब्रिटेन को एकजुट कर सकेंगे। ब्रेग्जिट की आखिरी तारीख 31 जनवरी है।

विश्लेषकों का कहना है कि लेबर पार्टी को कामगार तबक़े के लोगों का समर्थन नहीं मिला जिन्हें लगता था कि लेबर पार्टी ब्रेग्ज़िट पर 2016 में दिए गए उनके फ़ैसले का आदर नहीं कर रही। पिछले पाँच साल से भी कम समय में ब्रिटेन में यह तीसरा चुनाव है। बीते दो चुनाव 2015 और 2017 में हुए थे। ब्रिटेन के इतिहास में पिछले लगभग 100 सालों में ये पहला चुनाव है जो दिसंबर के महीने में करवाया गया।Images Courtesy:Google


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