नृसिंह जयंतीः अकाल मौत और दुश्मन दूर भगाने के लिए करें भगवान नृसिंह का अभिषेक

हरी गोपाल शर्मा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 मई): वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान श्रीहरि के अवतार भगवान नृसिंह का जयंती पर्व मनाया जाता है...भक्तवत्सल भगवान नृसिंह ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए नृसिंह अवतार लिया था...इनका प्राकट्य गोधूली बेला में खम्बे से हुआ था..भगवान नृसिंह ने हिरण्यकशिपु का वध करने के लिए अवतार लिया था...  भगवान नृसिंह, श्रीहरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं। इनकी उपासना करने से हर प्रकार के संकट और दुर्घटना से रक्षा होती है। हर प्रकार से मुकदमे, शत्रु और विरोधी शांत होते हैं। इनकी उपासना करने से तंत्र - मंत्र की बाधाएं भी समाप्त होती हैं। कर्ज से मुक्ति मिलती है और सुख सौभाग्य प्राप्त होता है। इस वर्ष भगवान नृसिंह की जयंती 17 मई को मनाई जा रही है।भगवान नृसिंह को प्रसन्न करने के लिए कैसे करें पूजा-- प्रातःकाल उठकर घर की साफ सफाई करके घर को साफ सुथरा बनायें.- दोपहर के समय तिल,गोमूत्र,मिट्टी और आंवले को शरीर पर मलकर शुद्ध जल से स्नान करें।- भगवान नृसिंह के चित्र के सामने दीपक जलाएं।- उन्हें प्रसाद और लाल फूल अर्पित करें।- इसके बाद अपनी मनोकामना का ध्यान करके भगवान नृसिंह के मन्त्रों का जाप करें.- भगवान के मन्त्रों का जाप मध्य रात्रि में भी करना सबसे उत्तम होगा।- व्रत के दिन जलाहार या फलाहार करना उत्तम होगा।- अगले दिन निर्धनों को अन्न-वस्त्र का दान करके अपने व्रत का समापन करें।" ॐ नृ नृसिंहाय शत्रु भुज बल विदीर्णाय स्वाहा"  मंत्र का जाप करें।"उग्रं वीरं महाविष्णुम , ज्वलन्तं सर्वतोमुखम। नृसिंहम भीषणं भद्रं , मृत्योर्मृत्यु नमाम्यहम।।" मंत्र का जाप करेंभगवान नृसिंह के मंत्रों का जाप करने के बाद यदि इन्हीं मंत्रों से हवन किया जाय तो भगवान नृसिंह की दिव्य कृपा प्राप्त होती है...भक्तवत्सल भगवान नृसिंह सहज रुप में साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं।

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